संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के प्यौदा रोड स्थित हैफेड के निर्माणाधीन गोदाम में प्रयोग हो रही निर्माण सामग्री को लेकर जांच और तेज हो गई है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीमें गोदाम से अभी और सामग्री के सैंपल लेंगी। निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने की शिकायतें एसीबी पंचकूला को मिली हैं, जिसके बाद टीम लगातार सक्रिय है।
अब संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार को भी एसीबी की टीम मौके पर पहुंचकर अतिरिक्त सैंपल भरेगी। एसीबी की दबिश से विभागीय कर्मचारियों और निर्माण एजेंसी के कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। पूरे मामले पर एसीबी की टीमें गंभीर नजर आ रही हैं।
जांच में यदि लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी और विभागीय इंजीनियर पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। फिलहाल पंचकूला की टीम ने छह सैंपल लेकर मधुबन लैब भेज दिए हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद एजेंसी के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को 23 साल पुराने हैफेड गोदाम में चल रहे रिपेयर कार्य और चारदीवारी के निर्माण में अनियमितता की शिकायत सामने आई थी। शिकायत के आधार पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पंचकूला की टीम ने एसीबी पंचकूला के अधिकारी जय सिंह की अगुवाई में छापा मारा था। इस दौरान पंचकूला टीम के साथ एसीबी कैथल के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
तीन घंटे तक चली जांच ः जांच टीम ने करीब तीन घंटे तक निर्माण कार्य में उपयोग हो रही सामग्री और अन्य कार्यों की गहन जांच की। टीम ने प्रोफाइल शीट, लैब और शौचालय निर्माण कार्य की जांच की। इसके अलावा एजेंसी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सीमेंट, सरिया और ईंटों की भी बारीकी से पड़ताल की गई। नींव से लेकर दीवारों तक अलग-अलग स्तर पर निर्माण गुणवत्ता की जांच की गई।
गौरतलब है कि हैफेड द्वारा गेहूं और चावल के भंडारण के लिए वर्ष 2002 में प्यौदा रोड पर करीब नौ एकड़ भूमि में इस गोदाम का निर्माण किया गया था। जून 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने इस गोदाम का उद्घाटन किया था। करीब 23 साल बाद गोदाम की मरम्मत और सुधार कार्य कराया जा रहा था। एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार इस रिपेयर कार्य पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जबकि अब तक विभाग की ओर से निर्माण एजेंसी को सवा करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
एसीबी पंचकूला मुख्यालय की टीम हैफेड के गोदाम में चल रहे निर्माण कार्य की जांच के लिए पहुंची थी। छह सैंपल लेकर मधुबन लैब भेज दिए गए हैं। अभी और भी सैंपल लिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सूबे सिंह, इंस्पेक्टर, एसीबी कैथल