संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत खंड में मनरेगा योजना के तहत 2021 मेंं कैटल शेडों के लिए मंजूर करोड़ों रुपये की राशि में फर्जीवाड़ा की शिकायत पर जांच शुरू हो गई। मामले में भ्रष्टाचार कर नकली व झूठे बिल तैयार कर सरकार को चूना लगाने की शिकायत गांव बालू के गुरदेव सिंह ने राज्य चौकसी ब्यूरो को 13 अगस्त 2021 को की थी।
इस पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को गुणवत्ता नियंत्रण एवं चौकसी सेल विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा की टीम ने कलायत में दस्तक दी। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में पहुंची टीम ने सोमवार को दोपहर बाद विभाग के एसडीओ कार्यालय के बंद कमरे मेंं जांच शुरू की। टीम की अगुवाई चौकसी सेल के कार्यकारी अभियंता रमेश वर्मा कर रहे थे। इस दौरान एसडीओ प्रदीप यादव, पंचायती राज के अधिकारी-कर्मचारी, 2020-2021 के कार्यकाल से जुड़े सरपंच जांच के दौरान कार्यालय में मौजूद रहे। इसके साथ ही मामले के शिकायतकर्ता गुरदेव बालू से भी जांच टीम ने संपर्क साधा। चौकसी सेल के अधिकारियों की रिकॉर्ड जांच के चलते पंचायत राज विभाग में हड़कंप मचा रहा। इसके चलते पूरा परिसर सरकारी व निजी वाहनों से भर गया।
शिकायतकर्ता गुरदेव सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि कैटल शेड निर्माण की आड़ में सरकारी पैसे का गबन हुआ है। 217 कैटल शैडों के निर्माण के लिए एक करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपये मंजूर किए गए थे। इस राशि का लाभ पात्रों को देने की बजाय अधिकारियों ने चहेतों को दिया है। कलायत में सीमेंट, रेत, सरिया, ईंट व निर्माण से जुड़ी हर तरह की सामग्री को लोग स्थानीय स्तर पर ही खरीदते हैं। अचानक क्या आपदा आई कि इस योजना के लिए सारी निर्माण सामग्री करीब 20 किलोमीटर दूर जिला जींद के उप मंडल नरवाना से खरीदनी पड़ी।
भ्रष्टाचार की शिकायत के संबंध में कार्यकारी अभियंता रमेश वर्मा ने बताया कि कलायत खंड में मनरेगा योजना के तहत कैटल शेड निर्माण को लेकर शिकायत मिली है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। निष्कर्ष के बाद ही पूरी स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा।