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डीएपी खाद के पुराने स्टॉक की जांच की

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Investigated old stock of DAP manure - फोटो : Kaithal
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कृषि निदेश़ालय से संयुक्त निदेशक डॉ. मनजीत नैन की अगुवाई में उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद, गुण नियंत्रण निरीक्षक डॉ. महावीर प्रसाद, एसडीओ चीका डॉ. विनोद वर्मा की टीम ने जिले में पंद्रह से अधिक खाद विक्रेताओं के गोदामो का निरीक्षण किया। उन्हें निर्देश जारी किए कि वे उनके पास उपलब्ध पुराने स्टॉक में से ही किसानों को डीएपी खाद दें। इसके लिए पुरानी कीमतें ही लें।
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विदित रहे कि नए स्टॉक में आने वाले खाद के लिए कीमतें बढ़ाई गई हैं। लेकिन प्रदेश में सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन विक्रेताओं के पास पुरानी खाद बची हुई है, वे उसे पुरानी कीमतों में ही बेचेंगे। इसी को लेकर उक्त टीम ने खाद के गोदामों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद की उपलब्धता एवं किसानों को बेचे जा रहे खाद के रिकॉर्ड की जांच की गई। निरीक्षण के अधिकारियों ने सभी मंडियों में लगातार निगरानी करने को लेकर निर्देश जारी किए। खाद विक्रेता बनवारी लाल, बख्शी राम, मैसर्ज कुंदन लाल, रति राम, शांतिस्वरूप राकेश चन्द पूंडरी, मैसर्ज महावीर फर्टिट लाइजर्स ढांड व मैसर्ज सचदेवा खाद भंडार, मैसर्ज प्रभु दयाल श्याम लाल, कैथल भंडार के अलावा चीका के खाद विक्रेता मैसर्ज देवेंद्र खाद भंडार, मैसर्ज चौ. माहा सिंह एंड संस, मैसर्ज हरियाणा खाद एजेंसी, मैसर्ज ज्ञान चंद ब्रिज लाल, मैसर्ज सचदेवा खाद भंडार के डीएपी के खाद के स्टॉक का निरीक्षण किया गया तथा खाद ब्रिकी से संबंधित हिदायतें भी खाद विक्रेताओं को दी गई। इसके अलावा कोविड-19 की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।
डीडीए डॉ. कर्मचंद ने बताया कि डीएपी खाद के मूल्यों में बढ़ोतरी को मद्देनजर सभी खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए जा चुके हैं कि जिनके पास स्टॉक में पुराने रेट का डीएपी उपलब्ध है, वे पुरानी दरों पर ही किसानों को खाद बेचना जारी रखें।
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