संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत/पूंडरी। अंतरराष्ट्रीय हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय दूतावास, आबू धाबी में साहित्य सृजन मंच के सहयोग से काव्यांजलि कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें कार्यक्रम का संचालन कलायत के प्रवासी भारतीय अवधेश राणा एवं कमला प्रकाश जॉली ने किया। उधर, काठमांडू स्थित दूतावास में हुए कवि सम्मेलन में चरणजीत, दिनेश ने प्रस्तुति देकर जिले का मान बढ़ाया।
अवधेश राणा एवं कमला प्रकाश जॉली ने अपने अंदाज में कवियों के परिचय से दर्शकों को आकर्षित किया। मुख्य अतिथि अर्पित जैन भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया। विशिष्ट अतिथियों में अली मुबारक और उज्बेकिस्तान की कथक छात्रा एनोरा ग्याने शामिल हुए।
निशा झा, सुरेखा मोरानकर, मीरा ठाकुर, ललिता मिश्रा, अंकुर रांका, दीपाली लिमकर, अनु बाफऩा, ऊष्मा राजपूत, नचिकेत मोहंती, डॉ आरती सिंह, डॉ पल्लवी बारटके, डॉ नितिन उपाध्ये और सतेंद्र नाथ गुप्ता ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का दिल छू लिया। भारतीय दूतावास के अधिकारी प्रिंस गौरव करण ने दिनकर जी की रचना रश्मिरथी से सबका मन मोह लिया।
पद्मविभूषण स्व.बिरजू महाराज के शिष्य कथक शिक्षक कुंदन जी और उनके समूह ने मीरा बाई के पद एवं जयशंकर प्रसाद जी की लहर काव्य से ली गई बीती विभावरी जाग री पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। अवधेश राणा ने कहा कि इस आयोजन ने हिंदी साहित्य की विविधता को प्रदर्शित किया और स्थानीय साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया।
इसी प्रकार काठमांडू में स्थित भारतीय दूतावास ने भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया। प्रमुख अतिथि मंगल प्रसाद गुप्ता, संघीय सांसद, प्रमुख अतिथि गोपाल ठाकुर, अध्यक्ष, भाषा आयोग रहे
जबकि अतिथियों का स्वागत भारतीय दूतावास की काउंसलर गीतांजली
ब्रैंडन ने किया।
दूसरे सत्र में भारत-नेपाल मैत्री कवि सम्मेलन में काव्यपाठ के लिए कवि चरणजीत चरण के साथ फरल के प्रसिद्ध युवा कवि दिनेश शर्मा की और नेपाल से दो शायरों की सहभागिता रही।
कवि चरणजीत सिंह चरण ने अपने काव्यपाठ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिनेश शर्मा ने अपने मुक्तकों और कविता से उपस्थित हिंदी प्रेमी दर्शकों से खूब तालियां बटोरी। इस अवसर पर दूतावास में नियुक्त प्रथम सचिव वशिष्ठ नंदन उपस्थित रहे। मंच संचालन दूतावास के सांस्कृतिक सहचारी डॉक्टर धनेश द्विवेदी ने किया।