संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरियाणा के सदस्य सचिव आईएएस प्रदीप डागर ने कहा कि कैथल जिले ने इस बार पराली प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पहले की तरह प्रतिबद्धता दिखाते हुए आने वाले दिनों में भी पराली प्रबंधन में अहम भूमिका निभाए। किसानों को प्रेरित किया जाए कि वे पराली में आग न लगाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रदीप डागर बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में जिला अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए फील्ड स्टाफ को सक्रिय किया जाए और किसानों को लगातार जागरूक किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पराली में ही नहीं, बल्कि हर तरह से खुले में आग लगाना प्रतिबंधित है—चाहे वह कूड़े में आग हो या किसी अन्य सामग्री में। ऐसी घटनाएं वायु प्रदूषण को बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सफाई कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि वे कूड़े में आग न लगाएं। ताकि वे उनका अधिकतम लाभ उठा सकें। बैठक में जिले में अब तक दर्ज आगजनी की घटनाओं और उनकी जांच रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
डीसी प्रीति ने दी जानकारी, कहा-पिछले सालों की तुलना में कम हुई घटनाएं ः डीसी प्रीति ने बताया कि जिला प्रशासन और किसानों के सामूहिक प्रयासों से इस वर्ष पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है।
अब जो कुछ घटनाएं सामने आ रही हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ को और अधिक सक्रिय किया जाएगा तथा उन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा जहां धान की कटाई पूरी हो चुकी है या होने वाली है।