नगर परिषद द्वारा जवाहर पार्क, महात्मा गांधी पार्क सहित चिल्ड्रन पार्क के रखरखाव के लिए भले ही लाखों रुपया खर्च किया जा रहा है। लेकिन रखरखाव के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है। नगर परिषद अध्यक्ष यशपाल प्रजापति ने दस दिनों के अंतराल में दूसरी बार पार्क का दौरा किया। लेकिन खामियों में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि जवाहर पार्क के वृद्ध केदार सरोवर में कागजों में चल रही किश्तियों के लिए दो बोटमैन भी ड्यूटी पर मिले। जिन्हें तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है।
नगर परिषद अध्यक्ष यशपाल प्रजापति ने पार्षदों के साथ मिलकर 12 सितंबर को जवाहर पार्क, चिल्ड्रन पार्क का दौरा किया था। जिसमें पाई गई खामियों को एक सप्ताह में दुरुस्त करने के लिए कहा गया था। पिछली खामियां तो दूर नहीं हुई। लेकिन नई खामियां भी सामने आ गईं। बार-बार संपर्क करने पर भी ठेकेदार से अधिकारियों का संपर्क नहीं हो पाया। जिस पर प्रधान ने ठेकेदार से विस्तृत जवाबतलबी का फैसला लिया है।
सालों से नहीं चली सरोवर में किश्तियां
निरीक्षण के दौरान दो बोटमैन की नियुक्ति का पता चला। हालांकि शहर के किसी व्यक्ति ने सालों से सरोवर में किश्तियां चलती हुई नहीं देखीं। लेकिन इन्हें चलाने के लिए परिषद की ओर से दो कर्मचारियों का भुगतान किया जा रहा था। नगर परिषद प्रधान ने इस बात का पता चला तो वे दंग रह गए। उन्होंने तुरंत बोटमैन को हटाने व इस मामले की जांच के आदेश जारी किए।
चिल्ड्रन पार्क में 31 में से 20 कर्मचारी मिले गैर हाजिर
चिल्ड्रन पार्क में 31 में से 20 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। यहां प्रधान ने कर्मचारियों की हाजिरी ली। महज 11 कर्मचारी मौके पर मिले। जिस पर ठेकेदार से विस्तृत जवाब तलबी का फैसला लिया गया।
गेट मिला टूटा हुआ
जवाहर पार्क में इंट्री करते ही अधिकारियों व अध्यक्ष को प्रवेश द्वार ही टूटा हुआ मिला। आगे घास अव्यवस्थित मिली। इसे लंबे समय से काटा नहीं गया। जिस पर यशपाल प्रजापति ने अधिकारियों से जवाब तलबी की।
बंद पड़े हैं फव्वारे
जवाहर पार्क में बनाए गए तीन फव्वारे बंद पाए गए। जो बंद होकर खराब होते जा रहे हैं। इसी तरह से चिल्ड्रन पार्क का म्यूजिकल फव्वारा भी बंद था। जिसे चलाकर देखा गया। इसमें संगीत तो बजा, लेकिन इसके अंदर के पानी के सड़ा होने के कारण बदबू ने सभी को परेशान कर दिया। नप अध्यक्ष ने इसे ठीक करने के निर्देश दिए।
पार्कों में नंगी तारों का जाल
पिछले निरीक्षण की तरह से पार्कों में जगह-जगह नंगी तारों का जाल बिखरा हुआ पाया गया। इसमें कोई सुधार नहीं मिला। नगर परिषद अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों व जिम्मेदार ठेकेदार को निर्देश दिए कि इनके कारण यदि एक भी हादसा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी ठेकेदार व अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि चिड़िया से लेकर मानव तक, यदि बिजली से करंट से प्रभावित हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी। पार्क में दो दर्जन से अधिक लाइटें ठप पाई गईं। जिस कारण लोगों को सुबह शाम परेशानी होती है।
विज्ञापनों से अटा मिला पार्क
पार्क में जगह-जगह लोगों के विज्ञापन बोर्ड पाए गए। नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड उतरवाए जाएं। यहां जो भी विज्ञापन बोर्ड लगाया जाएगा, उसके लिए परिषद से अनुमति लेनी होगी।
बदहाल मिले शौचालय
पार्क में दो शौचालयों की हालत बदहाल मिली। यहां टोटियां टूटी हुई पाई गई। अंदर गंदगी का आलम था। जिनमें सुधार के आदेश दिए गए। वहीं झूलों में भी कोई सुधार नहीं पाया गया। चिल्ड्रन पार्क के झूले टूटे हुए पाए गए।
तारामंडल में नहीं हुआ सुधार, हालात खराब
यहां बने तारामंडल की हालत भी खराब पाई गई। ना तो पिछले दौरे के दौरान जारी आदेशों के बाद इसकी फिल्में बदली गई और ना ही इसके उपकरण ठीक करवाए गए। इसके बाहर के डायनासोर पार्क की हालत भी खस्ता मिली। वहीं रंग रोगन ना होने के कारण तालाब में लगाई गई भगवान शिव की प्रतिमा की हालत भी खराब मिली। अध्यक्ष ने डायनासोर पार्क व शिव प्रतिमा में आवश्यक रंग-रोगन के निर्देश भी जारी किए।
नगर परिषद अध्यक्ष के साथ इस दौरे में पार्षद विनोद सोनी, भीमसैन, गोपाल सैनी, दलबीर रंगा, बलजीत, महेंद्र थरेजा, रजत थरेजा आदि मौजूद थे।
निर्देशों का नहीं किया गया पालन
12 सितंबर को किए गए पार्कों के दौरे के दौरान जो निर्देश दिए गए थे, उनका पालन नहीं किया गया। दो बोटमैन नियुक्ति की सूचना मिली, जिन्हें हटाने के लिए कहा गया है। इस मामले की जांच की जाएगी कि यह पैसा क्यों दिया जा रहा था। इसके अलावा नंगी तारों, शौचालयों की स्थिति, झूलों, तारामंडल व लाइटों में सुधार के लिए फिर निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार से भी जवाब तलबी की जाएगी।
यशपाल प्रजापति, अध्यक्ष, नगर परिषद कैथल।