जिला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन की हड़ताल बुधवार को खुल गई। हड़ताल के खुलते हुए मरीजों ने राहत की सांस ली। लेकिन तीन दिनों से एकत्रित हुई टेस्ट स्लिप के चलते लैब में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिस कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। हड़ताल के कारण करीब 500 से अधिक लोगों के टेस्ट किए गए। जिसमें करीब 3000 टेस्ट किए गए है।
सरकार द्वारा लैब टेक्नीशियनों को संस्पेड व हटाए जाने के आदेश अभी तक बहाल नहीं हुए है। लैब टेक्नीशियन कर्मचारी प्रदेश कमेटी के आह्वान पर काम कर रहे है।
मरीजों को मिली बड़ी राहत-दो दिनों से से अस्पताल में हड़ताल के कारण टेस्ट नहीं हुए थे। जिसके कारण अस्पताल में मरीजों में हाहाकार मचा हुआ था। टेस्ट न होने के कारण सुबह से लेकर शाम तक मरीज टेस्ट करवाने के कागज हाथ में लेकर अस्पताल में बैठे रहते थे।
मरीज माया देवी, अनीता कुमार, राजेश कुमार, परमजीत ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से डॉक्टर से चैकअप करवानेे बाद टेस्ट करवाने का इंतजार कर रही थी। टेस्ट न होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़। बुधवार को टेस्ट होने के बाद उसका ईलाज शुरू हुआ है।
प्रदेश कमेटी के आदेशों पर किया काम शुरू- प्रधान
लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के जिला प्रधान रमेश चंद ने बताया वह अभी तक संस्पेड चल रहे है। प्रदेश कमेटी देर रात स्वास्थ्य मंत्री से मिली थी। स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द ही बहाल करने के आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है। जिसमें उन्होंने समस्याओं का निपटारा करने के भी आश्वासन दिया है।
अभी तक नहीं आए बहाल करने के आदेश-सीएम मनीष बंसल ने बताया कि उनके पास केवल अभी तक नियमित कर्मचारियों को संस्पेड व अनुबंध आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों का हटाने के आदेश आए है। %E