संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कोरोना महामारी के बाद अब इन्फ्लूएंजा वायरस के भय के बीच स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इस स्थिति में केंद्र सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब इस वायरस से बचाव को लेकर विभाग की तरफ से सभी तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के पास बेड, चिकित्सक व दवाइयां पूरी मात्रा में उपलब्ध है। इसी कड़ी में अब विभाग की तरफ से ओपीडी में जांच बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही सांस के मरीजों को दाखिल करने के लिए विशेष हिदायत जारी की गई हैं। वहीं, इस वायरस से संबंधित यदि कोई लक्षण मिलते हैं तो उन्हें होम क्वांरटाइन करने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। चिकित्सकाें के अनुसार यह एक निमोनिया के प्रकार की बीमारी है।
चिकित्सकों की कमी
गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में इस समय चिकित्सकों की काफी कमी है। एक तरफ जहां सामान्य अस्पताल में स्वीकृत पद 56 में से आधे 28 चिकित्सक भी नहीं है। यहां पर 20 चिकित्सक ही तैनात हैं। वहीं जिले के 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी चिकित्सक कार्यरत नहीं है। सामान्य अस्पातल में बीमारियों के विशेषज्ञ तो लंबे समय से नहीं है। गायिनी, नेत्र, त्वचा, हड्डी रोग विशेषज्ञ एक-एक है। पिछले करीब डेढ़ महीने से सर्जन का पद रिक्त है।
सिविल सर्जन डाॅ. रेनू चावला ने बताया कि इन्फ्लूएंजा फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यालय की तरफ से तैयारियों को लेकर निर्देश जारी हुए हैं। अस्पतालों में उचित व्यवस्थाएं बना ली गई हैं। दवाइयां, बेड, टीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की जांच बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जबकि सांस के मरीजों को दाखिल करने की हिदायत चिकित्सकों को दी गई है। सामान्य लक्षण होने पर घरों में ही रहकर इलाज के आदेश दिए हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में ये है उपलब्धता
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ऑक्सीजन प्लांट : एक है, जो खराब है।
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आईसीयू : निर्माण कार्य चल रहा है, अगले महीने तक पूरा होगा।
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चाइल्ड वार्ड : एक 20 बेड का अलग से वार्ड बनाया है।
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बच्चों के लिए एंटीबायोटिक्स : उपलब्ध है।
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अस्पताल में बच्चों के लिए बेड- 50
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बाल रोग विशेषज्ञ- एक चिकित्सक और तीन सहायक चिकित्सक हैं।
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इन्फ्लूएंजा के लिए बच्चों की दवा- उपलब्ध है।
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बच्चों के लिए टीके- पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।