पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले तीन चार दिनों में जिले का न्यूनतम व अधिकतम तापमान भी तीन डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दो दिन तक आसमान में बादल रहने के बाद शुक्रवार को मौसम साफ होगा। उसके बाद धुंध पड़ने की भी संभावना जताई जा रही है। ठंड को गेहूं व अन्य फसलों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है। वीरवार को न्यूनतम तापमान में दो डिगी सेल्सियस तक और कमी होगी।
बुधवार को भी आसमान दिनभर बादलों से ढका रहा। सुबह करीब साढ़े 11 बजे से लेकर शाम तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। हालांकि हवा की गति कम रही, लेकिन ठंड का पूरा प्रभाव रहा। जिले का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर छह किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली हवा में 64 प्रतिशत तक नमी दर्ज की गई।
गेहूं व अन्य फसलों में पानी नहीं लगाने की किसानों को सलाह- जिले में इस बार करीब एक लाख 75 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बिजाई की गई है। गेहूं की फसल में पहला पानी लगाने का समय हो गया है, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने अभी फसलों में पानी नहीं देने के किसानों को सलाह दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम साफ होने के बाद ही पानी देना सही रहेगा। अगर बरसात तेज हुई तो पानी का आपूर्ति अपने आप हो जाएगी, अगर बूंदाबांदी है तो भी पानी की लागत कम होगी।
धूप निकलने के साथ शुरू हो सकती है सुबह शाम धुंध-दो दिन बादलों के बाद जैसे की मौसम साफ होगा। उसके साथ धुंध पड़ने की भी संभावना जताई जा रही है, जो सुबह शाम ज्यादा देखने को मिलेगी। सुबह और शाम को जिले का न्यूनतम तापमान और भी कम होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि बादल वीरवार को भी छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी होगी। शुक्रवार से मौसम साफ होगा। उन्होंने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए लाभकारी रहेगा। ठंड जितनी ज्यादा होगी, गेहूं के पौधों का विकास उतना ही बेहतर होगा।