संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आज के डिजिटल युग में हर काम इंटरनेट पर निर्भर हो गया है। वित्तीय लेन-देन मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। एसपी आस्था मोदी ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर 1930 पर शिकायत करें।
उन्होंने बताया कि कमजोर पासवर्ड के कारण कई बार लोग साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अटैक से बचाव में मजबूत पासवर्ड का विशेष महत्व है।
एसपी ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा सेमिनार और गोष्ठियों के माध्यम से आमजन को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसमें बताया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध घटित हो जाए तो उससे कैसे बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट का सही और सुरक्षित उपयोग न जानने के कारण लोग अक्सर साइबर अपराधियों के शिकार बन जाते हैं। साइबर अपराधी ठगी के लिए विभिन्न चालाकी भरे तरीके अपनाते हैं।
साइबर अपराधी झांसे में लेकर पैसे ऐंठने के लिए अलग-अलग प्रलोभन देते हैं। ऐसे में जागरूक रहना ही ठगी से बचने का एकमात्र उपाय है। एसपी ने कहा कि नेट बैंकिंग, ईमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड लगाना आवश्यक है ताकि हैकर के हमले विफल हो जाएं।
उन्होंने सलाह दी कि जन्म तिथि या परिवार के सदस्य के नाम जैसे आसान पासवर्ड न बनाएं और कीबोर्ड पर एक ही पंक्ति के अक्षरों का उपयोग भी न करें।
उन्होंने जागरूक करते हुए अपने बैंक खाते, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट को अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड से सुरक्षित रखें। सभी अकाउंट के लिए एक समान पासवर्ड न रखें।
अगर लापरवाही के कारण साइबर ठगी का शिकार हों, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या एनसीआरपी पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने में साइबर हेल्प डेस्क या साइबर क्राइम थाना में भी शिकायत कर सकते हैं। -आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक
ठगी से बचने के उपाय
n
इंटरनेट मीडिया अकाउंट और बैंकिंग एप को सुरक्षित लॉक करें।
n
अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
n
मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।
n
पासवर्ड मजबूत रखें और ओटीपी या अन्य जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
n
किसी भी एप का उपयोग सतर्कता से करें।