न्यायालय की आदेशों की पालन करने के लिए प्रशासन ने बुधवार को खसरा नंबर 480 से दो मकानों को गिरा कर अवैध कब्जा हटवाया। भारी पुलिस बल व पूरी तैयारी के साथ आए प्रशासन की तैयारी को देखकर कोई भी विरोध नहीं कर पाया। सुबह ही कब्जों को हटवाने के लिए नगर में चहल पहल आरंभ हो गई थी। पुलिस की चार बटालियन महिला पुलिस बल के साथ तैनात रही। तीन डीएसपी मौके पर मौजूद थे तथा चीका, कैथल व कलायत के तहसीलदारों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया हुआ था।
करीब 11 बजे प्रशासनिक अमला मोरचढ़ाई तालाब पर पहुंचा। भारी पुलिस बल ने इस तालाब के क्षेत्र में अपनी पोजिशन ले ली। थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने कमरों में रखे सामान को बाहर निकलवाया तथा नगर पालिका कर्मचारियों ने बिजली का कनेक्शन कटवा कर कार्रवाई किये जाने का इशारा दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट चंद्र मोहन बिश्नोई की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों ने जयभगवान पुत्र करतारा के मकान को देखते ही देखते ढहा दिया। इसके बाद पूरा अमला इसी तालाब की हदूद में बने राजबीर पुत्र ओमप्रकाश के मकान पर पहुंचा। पुलिस ने पहले मकान के आसपास घेराबंदी कर ली तथा लोगों को अपने मकानों में ही रहने के निर्देश दिए। कुछ ही समय में राजबीर के मकान को भी मशीनों ने नेस्तनाबूद कर दिया।
पूरी तैयारी के साथ प्रशासन ने किया ऑपरेशन
9 सितंबर को धरनीधर तालाब से हिस्म सिंह के मकान को गिराने के समय लोगों व जनता के बीच हुए भारी टकराव में स्थिति विस्फोटक हो गई थी। पथराव के बाद पुलिस द्वारा चलाई गई प्लास्टिक की गोलियों व आंसू गैस के कारण दोनों और से अनेक लोग घायल हो गए थे। उस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आज पूरे एहतियात व भारी फोर्स को लेकर ऑपरेशन की तैयारी की गई थी।
नगरपालिका ने चिह्नित किए हैं 6 तालाब
कलायत नगर में जो छह तालाब प्रशासन ने चिह्नित किए हैं उनमें पांसर, मोर चढ़ाई, जलासर, धरणी धर, ढोबी और अरचन नामक तालाब शामिल है। सभी छह तालाबों पर वैसे तो करीब 140 अवैध कब्जे हैं जिन पर मकान बने हैं पर उन लोगों के मामले फिलहाल या तो कमिश्नर की अपील में हैं या फिर कुछ के पास न्यायालय का स्टेटस को है। जिन के पास कुछ भी नहीं फिलहाल केवल उन्हीं 23 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल
मकान मालिक सहित महिलाओं का इस कार्रवाई को लेकर रो-रो कर बुरा हाल था। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन ने त्योहार के दिन उनके सिर से छत छीन ली। वहीं लोगों का यह भी सवाल था कि जब ये जमीन तालाब की है तो सरकार ने कैसे सीवरेज व पेयजल पाइपलाइन बिछा दी।
बचे हुए लोगों के भी गिराए जाएंगे अवैध निर्माण
बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि खसरा नंबर 480 के इस तालाब से दो मकान डिमोलिश कर दिए गए हैं तथा तीसरे के खिलाफ कार्रवाई कभी भी हो सकती है। खसरा नंबर 482 धरनीधर तालाब के फिलहाल 9 मकानों को चिन्हित किया गया है। जिसमें से एक मकान को गिराया जा चुका है। खसरा नंबर 481 जलासर तालाब पर एक अवैध कब्जा तथा खसरा नंबर 484 हरछंड तालाब पर फिलहाल 10 अवैध कब्जे तय किए गए हैं जिनको उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करने के लिए गिरवाना पड़ेगा।