सुहागिनों का सबसे बड़ा करवा चौथ का त्योहार जिले में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सुहागिनों ने शाम के समय निकले चांद और साजन का दीदार कर अपना व्रत खोला। पतियों ने भी अपने हाथों से पानी पिलाकर पत्नी का व्रत खुलवाया।
करवा चौथ का लेकर शहर के बाजारों व होस्टलों में शाम के समय खूब भीड़ रही है। बाजारों में मेहंदी लगाने व शॉपिंग महिलाओं की खूब चहल-पहल रही। सुहागिनों ने भगवान शिव शंकर, मां गौरी व कार्तिकेय, गणेश की पूजा की। दोपहर के समय सुहागिन महिलाओं ने बुजुर्ग महिलाओं ने करवा चौथ व्रत कथा सुनाई। शाम का चांद अर्घ्य देकर चंद्रमा से प्रार्थना कि जिस प्रकार आप उजाला देते हो उसी प्रकार उनके पति की भी दीर्घ आयु करना। सुहागिनों ने इसके बाद अपने साजन का मुख देख कर अपना व्रत खोला।
मेहंदी लगवाने की होड़
मेहंदी लगवाने के लिए उमड़ी भीड़-करवा चौथ के अवसर पर मेहंदी लगवाने के लिए तलाई बाजार में महिलाओं की खूब भीड़ उमड़ी रही। जिसके कारण मेंहदी लगाने वाले दुकानदारों की पहले से ही बुकिंग भारी मात्रा में बुकिंग हो चुकी है। मेहंदी 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक लगाई जा रही है। बाजार में बाम्ॅबेकट, अरेबियन, राजस्थानी, मारवड़ी, बैंगल टाइप, ब्लैक असरलाइट, कलरफुल, सपारकन मेहंदी लगवा रही हैं। इसके अलावा महिलाएं हाथों में पति का नाम भी लिखवा रही है। डिजाइनों में स्टार, चांद, फूल, पत्तियां भी छपवा रही है।
सोशल मीडिया का उठाया खूब लाभ
कुछ सुहागनों ने पति के न आने पर फेसबुक, व्हाट्सअप व ट्वीटर पर फोटो देखकर व्रत खोला। जिन युवतियां की सगाई हुई है, उन युवकों व युवतियों ने भी फेसबुक, व्हॉट्स-एप से फोटो लेकर करवा चौथ का व्रत खोला।
सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए रखा करवा चौथ का व्रत
कलायत में सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए बुधवार को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखे जाने वाले करवा चौथ के व्रत से पूर्व महिलाओं ने खूबसूरत मेहंदी लगाई। बुधवार को दिन भर भी मेहंदी लगाने वालों व ब्यूटी पार्लरों में भारी भीड़ देखने को मिली।
राजौंद में हर्षोल्लास से मनाया गया करवा चौथ पर्व
नगर में करवाचौथ का पर्व बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। सुहागिनों ने अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा। महिलाओं ने करवे की कहानी सुनी। करवाचौथ को लेकर पिछले कई दिनों से महिलाएं तैयारियों में जुटी हुई थी। करवाचौथ का व्रत पति पत्नी के प्रेम को बढ़ाता है व उनके रिश्तों में अटूट बंधन की डोर को मजबूत बनाता है। यह पर्व आधुनिक समाज में आत्मिक भावनाओं को प्रकट करने का शुभ अवसर होता है। आज के दिन धर्मपरायण, निष्ठावान महिलाएं नीर जल, निराहार इस व्रत को पूर्ण करके सौभाग्य की प्राप्ति करती हैं। करवा चौथ के पर्व को लेकर हलवाई व फल विक्रेताओं ने पूरा दिन चांदी कूटी। वहीं करवाचौथ के व्रत के दौरान हर वस्तु में बेजोड़ महंगाई के कारण व्रत पर भी इसका असर देखने को मिला।