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Kaithal News: अवैध होर्डिंग–पोस्टरों ने बिगाड़ा शहर का हुलिया, कार्रवाई शून्य

Fri, 12 Dec 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर में अवैध तरीके से लगाए गए होर्डिंग और पोस्टरों की भरमार ने न केवल शहर की सुंदरता को धूमिल किया है, बल्कि नगर परिषद को भारी राजस्व हानि भी पहुंचाई है। शहर के चौक-चौराहे, फुटपाथ, डिवाइडर के खंभे और सड़क किनारे ऐसे किसी स्थान को खोजना मुश्किल है जहां अवैध होर्डिंग न लगे हों।

नगर परिषद द्वारा समय-समय पर कार्रवाई जरूर की जाती है, लेकिन यह कार्रवाई अधिकतर निजी प्रतिष्ठानों तक ही सीमित रहती है। राजनीतिक दलों के नेताओं के होर्डिंग हटाने की हिम्मत प्रशासनिक अमला नहीं जुटा पाता। कर्मचारियों का कहना है कि राजनीतिक होर्डिंग हटाने पर कई बार विरोध का सामना करना पड़ता है, इसलिए वे ऐसे होर्डिंग हटाने से बचते हैं।
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सबसे अधिक सत्ताधारी पार्टी के छोटे-बड़े नेताओं के पोस्टर, झंडे और बैनर शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगा रहे हैं। न इन्हें हटाया जाता है और न ही इन पर किसी तरह का जुर्माना लगाया जाता है।

नगर परिषद ने शहर में 33 निर्धारित साइटें विज्ञापन होर्डिंग लगाने के लिए तय की हैं, जिनके लिए लोकेशन के मुताबिक 30 हजार से 50 हजार रुपये तक शुल्क जमा कराना अनिवार्य है लेकिन राजनीतिक दबदबा और शुल्क से बचने की मानसिकता के चलते शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। परिषद द्वारा निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य किसी भी जगह होर्डिंग लगाना गैरकानूनी है और इस पर प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।

हर लोकेशन पर होर्डिंग, अफसरों की चुप्पी : अवैध होर्डिंग से न केवल शहर की छवि खराब हो रही है, बल्कि नगर परिषद का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। नवंबर माह में परिषद की ओर से अभियान चलाकर करीब 4.5 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया, जबकि इस वर्ष अब तक 30 लाख रुपये से अधिक का दंड वसूला जा चुका है।

शहर की अधिकांश सड़कों, डिवाइडरों, बिजली के खंभों और प्रमुख स्थानों पर अवैध विज्ञापन बोर्ड और पोस्टर चिपके हुए हैं। कई स्थानों पर ये होर्डिंग दृश्यता बाधित कर दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं। प्रशासन इनके प्रति चुप्पी साधे हुए है।

ये मुख्य स्थान प्रचार की पहली पसंद

शहर में कई स्थान ऐसे हैं जहां अवैध होर्डिंग लंबे समय से लगे हुए हैं, न इन्हें हटाया गया है और न ही इनका शुल्क जमा हुआ है। अंबाला रोड, ढांड रोड, करनाल रोड, जींद रोड और बस स्टैंड रोड पर होर्डिंग लगाने का सबसे अधिक दबदबा है। इन स्थानों पर राजनीतिक प्रचार के अलावा स्कूलों, कॉलेजों और निजी प्रतिष्ठानों के भी अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। शहर के कई अन्य हिस्सों में भी यही स्थिति देखने को मिलती है।
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शहर में अवैध होर्डिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटाए जा रहे हैं और जुर्माना भी वसूला जा रहा है। नवंबर में करीब 4.5 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है। -कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त
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