पाई। भारतीय किसान यूनियन ने मार्केट कमेटी के सचिवों को चार्जशीट करने के सरकार के फैसले पर कड़ा रोष जताते हुए कहा है कि यह कार्रवाई धान घोटाले को दबाने का प्रयास है। यूनियन की मांग है कि सचिवों पर चार्जशीट की कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने कहा कि जब आरोप स्पष्ट हैं, तो सरकार को सचिवों को निलंबित करके नए सिरे से व्यापक जांच शुरू करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बड़े धान घोटाले को दबाना चाहती है, जबकि किसान चाहते हैं कि इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए।
हाबड़ी ने दावा किया कि प्रदेशभर में यह घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का है, जिसमें संतरी से लेकर मंत्री तक मिलीभगत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में आढ़तियों की प्रमुख भूमिका रही है, क्योंकि उन्हीं ने किसानों के नाम पर फर्जी गेट पास तैयार किए और किसानों के खातों में आए पैसे अपने पास ले लिए।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही आढ़तियों के कर्ज तले दबे हुए हैं और मजबूरी में उन्हें फर्जी घोटाले के पैसे भी आढ़तियों को देने पड़े। यूनियन ने दोहराया कि मार्केट कमेटी सचिवों को चार्जशीट की बजाय तुरंत सस्पेंड किया जाए और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। हाबड़ी ने चेतावनी दी कि सही जांच होने तक किसान चुप नहीं बैठेंगे। संवाद