संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। होनहार खिलाड़ी इलेश सुंगरौया ने जूडो के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। हाल ही में उनका चयन खेलो इंडिया यूथ गेम्स के लिए हुआ है। महज 16 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुके इलेश आज युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं।
इलेश सुंगरौया ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल, कैथल के छात्र हैं और कक्षा 11 (नॉन-मेडिकल) में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कक्षा 10वीं में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया।
शिक्षकों का कहना है कि इलेश पढ़ाई में जितने अनुशासित हैं, उतने ही मैदान में भी मेहनती और एकाग्र हैं।
सात वर्षों से जूडो से जुड़ाव ः इलेश पिछले सात वर्षों से जूडो का अभ्यास कर रहे हैं। उनका नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम सुबह दो घंटे और शाम को तीन घंटे के कठिन अभ्यास का है। उनकी ट्रेनिंग सर छोटू राम इंडोर स्टेडियम, अंबाला रोड, कैथल में चल रही है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने इलेश को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
इलेश सुंगरौया अब तक 10 बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनकी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं
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स्कूल नेशनल जूडो चैंपियनशिप (अंडर-17) में कांस्य पदक
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डीएवी नेशनल जूडो चैंपियनशिप (अंडर-17) में स्वर्ण पदक
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स के लिए चयन
इलेश के पिता मनोज कुमार पेशे से शारीरिक शिक्षा शिक्षक हैं। पिता का खेलों से जुड़ा होना इलेश के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत रहा है। इलेश का कहना है कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा अनुशासन, फिटनेस और सकारात्मक सोच का महत्व सिखाया है। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी हैं, जो हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाती हैं।
कैथल जैसे जिले से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन इलेश ने अपने जुनून और मेहनत से यह कर दिखाया है। जिले के खेल प्रेमियों का मानना है कि इलेश जैसे खिलाड़ी भविष्य में कैथल को खेलों के मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाएंगे।
इलेश का सपना है कि वह अंतरराष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करें और ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतें। उन्होंने कहा कि वह पढ़ाई और खेल—दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लगातार मेहनत करते रहेंगे। माता-पिता, कोच, जिले और देश का नाम रोशन करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है।