संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद सितंबर माह की शुरुआत में आईसीयू शुरू कर दिया जाएगा। पहले स्वास्थ्य व लोक निर्माण विभाग की टीम इसकी व्यवस्था की जांच करेगी और सब ठीक मिलने के बाद इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा।
इस आईसीयू में पांच डॉक्टर और तीन नर्सिंग ऑफिसर तैनात रहेंगे, जिसमें एक बेहोशी विशेषज्ञ भी शामिल है। अन्य सर्जन भी तैनात रहेंगे। आईसीयू पर सरकार ने सवा दो करोड़ रुपये खर्च किए हैं। एक महीने पहले ही इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था और इसे ट्रायल के तौर पर चलाया जा रहा था।
पहले गंभीर स्थिति वाले मरीजों को चंडीगढ़ या रोहतक पीजीआई रेफर किया जाता था, जिनकी दूरी 110 से 130 किलोमीटर है। ऐसे में बीच रास्ते में इलाज न मिलने की वजह से कई मरीजों की जान जाने का खतरा रहता था। अब जिला स्तर पर ही आईसीयू उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों का तत्काल इलाज संभव होगा।
आईसीयू में मानव संसाधन और व्यवस्थाएं: आईसीयू में कुल आठ डॉक्टरों की आवश्यकता है, लेकिन आपातकालीन व्यवस्था के लिए फिलहाल पांच डॉक्टर और तीन नर्सिंग अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा एक डॉक्टर की 24 घंटे शिफ्ट तय की गई है। आईसीयू की जिम्मेदारी जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कंसल को सौंपी गई है।
दूसरी मंजिल पर बने आईसीयू में मिलेंगी सुविधाएं
दूसरी मंजिल पर बने इस आईसीयू में चार वेंटीलेटर बेड और आठ एचयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड स्थापित किए गए हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ा गया है, ताकि बच्चों को बेड पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा यहां ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टी-पैरा मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लैरिंगोस्कोप समेत तमाम अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए आईसीयू को ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। यहां पांच डॉक्टरों समेत आठ स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है और आपातकालीन वार्ड से मरीजों को दाखिल कर इलाज किया जा रहा है, ताकि सभी व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित की जा सके। आईसीयू को सितंबर के पहले सप्ताह में विधिवत रूप से चालू कर दिया जाएगा।
डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन