कैथल। कैथल में भी गुरु तेग बहादुर जी की ऐतिहासिक यादें जुड़ी हैं। गुरु जी दिल्ली जाते समय यहां रुके थे। उन्होंने नीम के वृक्ष के नीचे बैठकर ध्यान लगाया था। जिस वृक्ष के नीचे ध्यान लगाया, यहां पर गुरुद्वारा नीम साहिब स्थापित है। यह गुरुद्वारा शहर के डोगरा गेट पर स्थित है। इस गुरुद्वारे में हर अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। गुरुद्वारा परिसर में मुख्य भवन के भीतर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी विराजमान हंै। गुरुद्वारे में स्थापित सरोवर में श्रद्धालु अमावस्या के दिन सुबह के समय स्नान करने के लिए पहुंचते हैं।
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य अंग्रेज गुराया ने बताया कि मान्यता है कि गुरुद्वारे के स्थान पर सिख गुरु तेग बहादुर अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे थे। कुछ दिनों तक वे यहां रुके भी थे। बताया जाता है कि गुरुजी सुबह स्नान के बाद नीम के पेड़ के नीचे ध्यान लगाते थे। यहीं आज नीम साहिब गुरुद्वारा माैजूद है। श्रद्धालु तेजिंद्र सिंह भाटिया ने बताया कि सिख समाज के गुरुओं का इतिहास बलिदान से भरा है। उनके अनुसार श्री गुरुद्वारा नीम साहिब में मात्र माथा टेकने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। संवाद