संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा एवं फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में फल्गु तीर्थ पर आयोजित तीन दिवसीय लोक कला महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। इस मौके पर हरियाणवी मखौल एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हास्य कवि मास्टर ने सुनाया- ‘बहुत कुछ खोया है हमने उनसे दिल लगाने में, साइकिल भी बिकी थी उसको चाट खिलाने में, फिर मोहब्बत का सफर यू खत्म हुआ जमाने में, वो ससुराल में चली गई और मैं पागलखाने में...।’ इस पर खूब तालियां बजीं।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. अमृतलाल मदान, वरिष्ठ साहित्यकार के सान्निध्य में मुख्य अतिथि सुभाष गर्ग, विख्यात समाजसेवी, अध्यक्ष डाॅ. जय भगवान सिंगला, समाजसेवी एवं वरिष्ठ साहित्यकार, विशिष्ट अतिथि डॉ. आशिमा गक्खड़, प्राचार्या, दयाल सिंह कॉलेज करनाल और विशिष्ट अतिथि कमलेश शर्मा, वरिष्ठ इतिहासकार एवं साहित्यकार ने फल्गु मंदिर में दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की। सबसे पहले कैथल के हास्य कवि डॉ. तेजिंद्र को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पत्नी पर अपनी कविता पढ़ते हुए कहा- हेलमेट हो या पत्नी, सिर इनका ठिकाना होता है। अपनी जान बचाने को, इन्हें सिर पे बिठाना होता है। इस पर श्रोताओं ने बहुत तालियां बजाईं।
ईश्वर चंद्र गर्ग ने अपनी गजल पढ़ते हुए ‘’जहां हो कद्र बेटी की बहू का मान हो जिस घर, वो घर मंदिर है, मैं उस घर में सिर माथा झुकाता हूं...’’ पर खूब तालियां बटोरी। हरियाणवी कवि रिसाल जांगड़ा ने समाज पर व्यंग्य करते हुए कही अपनी गजल ‘दिक्खैं भोले-भाले लोग, भित्तर तै सैं काले लोग। बेरा ना कद साफ करैंगे, अपणे दिल के जाले लोग...’ पर तालियां बजींं।
दिनेश शर्मा दिनेश ने फल्गु तीर्थ पर अपना मुक्तक पढ़ा- ‘महाभारत पुराणों में जहां भी नाम पढ़ता हूं, फल्कीवन है बड़ा तीर्थ इसी का ध्यान धरता हूं। तर्पण करें यहां आकर कि सारे पितर तर जाते, गया सा है बहुत पावन इसे प्रणाम करता हूं।’ उनके बाद हरियाणवी हास्य कलाकार संजीत कौशिक ने अपने हरियाणवी हास्य-मखौल से उपस्थित श्रोताओं को हंसाकर तालियां बटोरी। हास्य कलाकार मोहन दलाल ने सुनाया- ‘सौभाग्य है कि हरियाणा म पैदा होए हां, हरियाणा का मतलब ए हंसणा और हंसाणा है। खुशमिजाजी और हाजिरजवाबी म्हारी असली पिछाण है।’
हास्य कलाकार रेणु दुहन ने हरियाणवी हास्य-मखौल से हास्य के माध्यम से समाज को नारी सम्मान का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में काव्य पाठ करते हुए अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि महेंद्र अजनबी ने कहा- ‘हमारे एक दोस्त ने हमसे कहा अजनबी जी, किसी दिन हमारे घर आओ, हमारे किरायेदारों को अपनी ताजा-ताजा कविताएं सुनाओ, मैंने कहा, भाई! मुझे किस उपलक्ष में कविताएं सुनाना है? वह बोला, बात दर असल यह है कि मुझे अपना मकान खाली करवाना है।’ उन्होंने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को हंसा हंसा कर लोटपोट कर दिया।
देर शाम तक चले हास्य-मखौल और कवि सम्मेलन का दर्शकों ने खूब आनंद लिया। समापन पर वरिष्ठ साहित्यकार अमृतलाल मदान के आशीर्वचन के बाद मुख्य अतिथि सुभाष गर्ग ने कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा सरकार को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष जयभगवान सिंगला ने सुंदर प्रस्तुति के लिए कवियों और कलाकारों को सराहा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डाॅ. आशिमा, कमलेश शर्मा ने भी विचार प्रकट किये। संयोजक दिनेश शर्मा दिनेश ने सभी को धन्यवाद किया। कार्यक्रम में दिल्ली से विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में वरिष्ठ टीवी पत्रकार पवन कुमार शर्मा और अशोक कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों में नरेश सागवाल, संजीव, पं रामकुमार, रोशन कुमार, हर्ष राणा, कपिल मौजूद रहे।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura