सीवन। मेरे घर में दो कान्हा जी हैं, जिनका नाम माधव और मुकुंद हैं। मैं पिछले करीब 20 वर्ष से लगातर ठाकुर की सेवा कर रही हूं। नित उन्हें स्नान करवाना व तीनों समय भोग लगाना और रात्रि को शयन करवाना ही नियम रहता है। अपने लड्डू गोपाल के लिए हर रोज कुछ न कुछ नया बनाती हूं और बड़े चाव से उन्हें भोग लगाती हूं।
जब भी किसी भी प्रकार की कोई समस्या आती है तो अपने लड्डू को बता देती हूं और मेरी हर समस्या दूर हो जाती है। अपने लड्डू गोपाल को अपना भाई मानती हूं और रक्षा बंधन पर उन्हें रक्षा सूत्र भी बांधती हूं। मेरे लड्डू भी भाई बन कर मेरी हर समस्या को बहुत आराम से सुलझा देते हैं। रात्रि में भोग लगाने के लिए उनका शयन नित्यप्रति करती हूं।
- प्रस्तुति : नमिता शर्मा, सीवन