संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग की टीम ने वीरवार को विशेष अभियान चलाते हुए अतिक्रमण हटवाए। उधर, जिला नगर योजनाकार कार्यालय ने शहरी क्षेत्र, कैथल के अधीन पड़ने वाली राजस्व संपदा पट्टी कायस्थ सेठ व पट्टी खोत में पनप रही अवैध काॅलोनी में बनी सड़कों, अवैध रूप से विकसित दुकानें व चहारदीवारी को जेसीबी की मदद से ढहाया।
नगर परिषद व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग की टीम ने नया बस स्टैंड के सामने का अतिक्रमण नगर परिषद की टीम हटवाया। कार्रवाई के तहत वहां बनी दुकानों का सामान भी जब्त किया। वहीं, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग की टीम ने जींद रोड पर बनाई गई झुग्गी झोपड़ियां हटवाई।
कार्रवाई के दौरान काफी संख्या में झुग्गी झोपड़ियों की महिलाओं ने विभाग के अधिकारियों का विराेध भी किया। उनका कहना था कि इस समय सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। वे आखिर कहां जाएंगे। उन्होंने बताया कि वे पिछले काफी सालों से यहां रह रहे हैं। उन्हें किसी भी अधिकारी ने नहीं हटाया है। महिलाओं के विरोध को देख यहां पर केवल दो से तीन झोपड़ियों को हटाया। इसके बाद अधिकारियों ने इन लोगों को करीब एक सप्ताह का समय दिया।
गौरतलब है कि शहर के जींद रोड पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन है। इसे खाली करवाने को लेकर ही विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे विभाग के अधिकारी वकील अहमद ने बताया कि जाखौली अड्डा पर विभाग की जमीन पर कुछ लोग झुग्गी झाेपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में यह कार्रवाई की जा रही है। इन लोगों को अब एक सप्ताह का समय दिया गया है। इन्हें हटाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
उधर, जिला नगर योजनाकार कार्यालय ने जिला प्रशासन के सहयोग से शहरी क्षेत्र, कैथल के अधीन पड़ने वाली राजस्व संपदा पट्टी कायस्थ सेठ व पट्टी खोत में पनप रही अवैध काॅलोनी को जेसीबी की मदद से ढहाया।
जिला नगर योजनाकार राजकीर्ति ने बताया कि डीटीपी कार्यालय का अमला पुलिस बल के साथ अवैध कॉलोनी को हटाने के लिए जेसीबी मशीन सहित घटना स्थल पर पहुंचा और यह कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि कार्यालय के संज्ञान में शहरी क्षेत्र, कैथल के अधीन पड़ने वाली राजस्व संपदा पट्टी कायस्थ सेठ व पट्टी खोत में पनप रही अवैध काॅलोनी में बनी सड़कों, अवैध रूप से विकसित दुकानें व चारदीवारी मामला आया था।
कार्यालय ने भूस्वामियों और प्रॉपर्टी डीलरों को एचडीआर एक्ट 1975 की धाराओं के तहत नोटिस जारी करके निर्माण विकसित करने के लिए जरूरी अनुमति प्राप्त करने के बारे में आदेश दिए पर न निर्माण रोका गया और न अनुमति प्राप्त की गई। इसी वजह से इन्हें ढहाया गया। उन्होंने आम लोगों को आगाह करते हुए कहा कि वह सस्ते प्लाटों के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अवैध कालोनी में प्लाट आदि नहीं खरीदे और ना ही किसी प्रकार का निर्माण करें।