संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शुक्रवार की रात में आई आंधी-बारिश से सैकड़ों पेड़ गिर गए। ढाई सौ से ज्यादा बिजली के खंभे गिरने की सूचना भी है। इसके अलावा गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार को भी आंधी-बारिश और व्रजपात के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था। हालांकि बारिश न होने से किसानों को थोड़ी राहत मिली। पंजाब बॉर्डर पर स्थित गुहला क्षेत्र में रात भर बिजली गुल रही वहीं शहर में करीब दो घंटे आपूर्ति बाधित रही।
बीते एक सप्ताह से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। शुक्रवार रात के समय मौसम का मिजाज फिर बिगड़ गया। आंधी के साथ बारिश हुई व कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी खबर है। आंधी-बारिश ने आधे शहर की बिजली गुल कर दी। वहीं, बारिश ने तापमान में भी कमी लाने का काम किया।
आंधी से देहात क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान हुआ है। कई जगह सड़कों पर पेड़ गिर गए, जिससे आवागमन भी बाधित हुआ है। बारिश से खेतों में कटा पड़ा गेहूं भीग गया, जिससे किसानों की परेशान फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार आसपास के इलाकों में गरज-चमक संग 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-बारिश के संकेत हैं। शनिवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।
सड़कों पर गिरे पेड़
कैथल से पाटियाला, सिरटा रोड, करनाल रोड व सौंगल से हरसौला ग्रामीण रुट पर कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे, जिससे आवागमन बाधित हो गया। शनिवार सुबह पेड़ों को हटवाकर आवागमन बहाल कराया गया। कैथल नरवाना रेलवे लाइन पर कुछ पेड़ गिरने की सूचना है, जिन्हें शनिवार तड़के हटा दिया गया। कैथल से कुरुक्षेत्र रेलवे मार्ग पर न्यूरिया थाने के सामने विशाल का पेड़ जड़ से उखाड़ कर गिर गया था।
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता सोमबीर भलोठिया ने बताया कि आंधी के कारण बिजली निगम के करीब 130 खंभे गिर गए। इस दौरान गुहला में पंजाब बॉर्डर भूंसला और थेहनेवल गांव की तरफ रात के समय बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। अन्य इलाकों में गुल हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था को शनिवार सुबह तक ठीक कर लिया गया था।