कैथल। जिले के सरकारी स्कूलों से सैकड़ों विद्यार्थियों ने एसएलसी लेकर कहीं दाखिला नहीं लिया है। ये विद्यार्थी कहां गए और दाखिला क्यों नहीं लिया अब अधिकारियों को 10 जून तक इस पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। पहला काम इनको स्कूलों में वापस लाते हुए मुख्याधारा से जोड़ना है। इतना ही नहीं इन बच्चों ने कहीं दाखिला क्यों नहीं लिया इस पर शिक्षा निदेशालय को बच्चों के हस्ताक्षर सहित हार्ड कॉपी सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अगले हफ्ते शिक्षा निदेशालय से उच्चाधिकारी जिले के 5 स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। उप जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान ने संयुक्त निदेशक हरप्रीत कौर के साथ वीसी के बाद ये निर्देश सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए दिए हैं। उन्होंने कहा कि 500 विद्यार्थी ऐसे हैं जो विभाग के रिकॉर्ड में तो हैं, लेकिन इनका अगली कक्षा में ट्रांजिशन लंबित है।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने खंड के स्कूल मुखियाओं से संपर्क कर एसएलसी लेकर दाखिला नहीं लेने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य करें। यदि ट्रांजिशन में कोई कठिनाई आ रही है तो रिमार्क सहित खंड की रिपोर्ट हार्ड कॉपी में भेजें। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों की सूचना निर्धारित प्रारूप में तुरंत भेजें। साथ ही कर्मचारियों के लंबित मेडिकल बिलों की समीक्षा रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में हर 15 दिन बाद कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें। वीसी में जिला परियोजना संयोजक राजेंद्र आजाद, खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश नैन, अनिल छाबड़ा , संदीप नैन, बिमला सिरोही, सुरेंद्र हुडडा व चरणजीत कौर उपस्थित रहे।
मूलभूत सुविधाओं रखें दुरुस्त
वीसी के बाद उप जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र के माध्यम से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में जाकर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी बीईओ अपने खंड के स्कूल मुखियाओं को निर्देश दें कि सभी विद्यालयों में पीने का पानी, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई, किचन शेड, प्रयोगशाला आदि मूलभूत सुविधाएं तुरंत दुरुस्त करें, क्योंकि शिक्षा निदेशालय से उच्चाधिकारी किसी भी स्कूल का निरीक्षण कर सकते हैं।
एक लाख तक के कार्य छुट्टियों में ही हों पूरे
वीसी में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी सरकारी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक लाख रुपये तक के मरम्मत एवं सुविधा संबंधी कार्य छुट्टियों में ही समेकित बाल कल्याण निधि से पूरे करवाए जाएं। मुख्यालय की टीमें औचक निरीक्षण करेंगी तो किसी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।