मंगलवार सुबह सिख समुदाय की दर्जनों महिलाओं व पुरुषों ने कमेटी के चीका स्थित मुख्यालय में पहुंच कर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की। वहीं आरोपों को नकारते हुए वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि कमेटी के कुछ सदस्यों द्वारा उसका नकली अश्लील पोस्टर एडिट कर उसे ब्लैकमेल करना चाहते हैं, ताकि वे उनके गुट के प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल के पक्ष में मतदान करवा सकें।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ प्रदर्शन हो नहीं रहे, अलबत्ता दादूवाल द्वारा चुनाव जीतने के लिए ऐसे ओछे हथकंडे अपनाए जा रहे है। उन्होंने दावा किया कि दादूवाल चुनाव हारेंगे, जबकि उनके गुट का प्रधान पद के प्रत्याशी जसबीर सिंह खालसा भारी मतों से चुनाव जीतेंगे। उन्होंने चुनाव के दिन सुरक्षा की मांग की है।
वहीं इस अश्लील पोस्टर विवाद को लेकर गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दादूवाल को सौंप दी है, जिसमें उन्होंने संबंधित सदस्य को दोषी ठहराया है और कहा कि जिस प्रकार से इस सदस्य के एक महिला के साथ अश्लील पोस्टर वायरल हुए हैं। गठित कमेटी के तीनों सदस्यों मोहन जीत सिंह पानीपत, जसबीर सिंह भाटी व अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने अपनी रिपोर्ट कार्यकारी प्रधान दादूवाल को सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने नरूला के पोस्टरों की भी जांच की है जो कि सही पाई गई है।
कार्यकारी प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने चुनाव अधिकारी दर्शन सिंह बराड़ी को 13 अगस्त को प्रधान पद के लिए सदस्यों की डलने वाली वोट से उक्त सदस्य को वंचित रखने की संस्तुति की है।