संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के चुनाव की सुगबुगाहट के बीच कैथल में सरकार की तरफ से बनाई गई मतदाता सूची में गैर सिख वोटर होने का मामला सामने आया है। इससे सिख समाज के लोगों में रोष है। समाज के कुछ गणमान्य लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इन सभी वोटों को काटने की मांग की है। कैथल में अब तक बनी वोटर लिस्ट में 485 वोट गैर सिखों के होने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि हरियाणा में इस समय एचएसजीपीसी के संगठन के चुनाव के लिए 22 लाख से अधिक मतदाता हैं। गैर सिख वोटर होने के मामले पर मंगलवार को समाज के कुछ लोगों ने डोगरा गेट स्थित श्री नीम साहिब गुरुद्वारा में बैठक की। इसमें समाज के लोगों की तरफ से अब 29 दिसंबर को चंडीगढ़ स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय में शिकायत देने का निर्णय लिया गया है। कहा, यदि दो दिन में सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं तो बड़ा आंदोलन करने का फैसला लिया जाएगा। इससे पहले तहसीलदार अशीष कुमार को भी ज्ञापन सौंपा गया था।
नियमों को अनदेखा करने का आरोप
इस मामले में अवतार सिंह चक्कू, बलदेव सिंह बल्ली, सरदार दलजीत सिंह, दिलबाग कपूरी, कृपाल सिंह, गुरचरण सिंह, अमरेंद्र सिंह एडवोकेट, सतिंद्र सिंह भाटिया, जसविंद्र सिंह, जसबीर सिंह, जीत सिंह, सुखमीत सिंह, बलवंत सिंह ने बताया कि सरकार के नियमों के तहत बिना केस धारी और बिना अमृतधारी सिख हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का सदस्य नहीं बन सकता है। ऐसे में सरकार की तरफ से जारी की गई सूची में कई ऐसे वोटर शामिल किए गए हैं, जो न तो केस धारी है और न ही अमृत धारी।
अवतार सिंह चक्कू ने बताया कि 29 दिसंबर को भी चुनाव आयोग ने कोई फैसला वोट काटने को लेकर नहीं लिया गया तो वे आने वाले लोकसभा में इस पर सरकार के खिलाफ रोष जताया जाएगा।
इनके नाम हैं वोटर लिस्ट में शामिल
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नई बनी वोटर लिस्ट में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत, मनोज गर्ग, अश्वनी शोरेवाला, श्याम बहादुर खुरानियां सहित अन्य कई लोगों में नाम शामिल हैं।
मामले में एक ज्ञापन समाज के कुछ लोगों ने सौंपा है। इसे सरकार के पास भेज दिया गया है। आगामी कार्रवाई सरकार की तरफ से होगी। -आशीष कुमार, तहसीलदार
जिसने कृत्य किया, यह बहुत गलत है ः कैलाश भगत
कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) की मतदाता सूची में गैर सिख मतदाताओं के नाम होने के मामले में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत ने आरोपों को गलत बताया है।
उन्होंने कहा कि वे गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि जिसने भी यह कृत्य किया है, यह बहुत गलत है। उसे उसकी सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख समाज के लोगों से उनका वर्षों पुराना नाता है। यदि कोई गलत काम करके भाईचारा बिगड़ने का काम करेगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक सवाल के जवाब में भगत ने कहा कि उनकी जांच में अभी तक कोई सामने नहीं आया है। वे प्रशासन से कहेंगे, जिसने भी ऐसा किया है, उसके साथ सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा केवल सिख समुदाय के साथ उनके प्यार को खत्म करने का षड्यंत्र है। उन्होंने कभी ऐसी गंदी राजनीति के बारे में सोचा तक नहीं है। संवाद