संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा के बहुचर्चित वीआईपी नंबर एचआर88 बी 8888 को कैथल के सनसिटी निवासी संदीप ने वीरवार को अपनी पत्नी सुषमा के नाम खरीद लिया है। इसके लिए संदीप ने कुल 37 लाख 51 हजार रुपये खर्च किए। संदीप का कहना है कि 8 नंबर उनके लिए लकी नंबर है, और इसी कारण उन्होंने यह नंबर हासिल किया।
संदीप ने बताया कि कुछ दिन पहले इस नंबर की नीलामी में हिसार के व्यवसायी ने 1 करोड़ 17 लाख रुपये की बोली लगाई थी, लेकिन वे पूरी रकम चुकाने में असफल रहे। इसके बाद इस नंबर की दोबारा नीलामी की गई, जिसमें सुषमा ने इसे अपने नाम खरीदा।
संदीप चहल ने कहा कि वे किसान परिवार से संबंध रखते हैं, और प्रॉपर्टी डीलर व होलसेल मोबाइल व्यवसाय भी करते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग
एक दर्जन कारें हैं, जिनमें से अधिकांश पर वीआईपी नंबर हैं और उनमें 8 की संख्या अधिक है। इसी वजह से उन्होंने एचआर88 बी 8888 नंबर को खरीदने का निर्णय लिया।
खरीदारी की प्रक्रिया और भावनात्मक जुड़ाव
संदीप ने बताया कि जब शुरू में नंबर की बोली हुई, वे किसी काम से बाहर थे। बाद में दोस्तों के माध्यम से इस नंबर की जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत इसे खरीद लिया। संदीप ने कहा कि उन्हें 8 नंबर से विशेष लगाव है और वे भगवान शिव और हनुमान के भक्त हैं। इसके अलावा यह नंबर उनकी कुंभ राशि के अनुसार भी अनुकूल है। संदीप ने आगे बताया कि उनके पास फिलहाल अल्काजार गाड़ी है, जिस पर एचआर88 बी 8888 नंबर लगा हुआ है। अब वे 90 दिनों के भीतर किसी नई बाइक या गाड़ी पर एचआर88 बी 8888 नंबर लगाएँगे। हालांकि उन्होंने अभी तय नहीं किया कि कौन-से वाहन पर यह नंबर लगाया जाएगा, लेकिन परिवार के साथ विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।
पहले यही नंबर 1.17 करोड़ रुपये में बिका था
हरियाणा के आईटी प्रोफेशनल सुधीर कुमार, जिन्होंने 26 नवंबर को वीआईपी नंबर प्लेट एचआर88 बी 8888 के लिए 1.17 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व बोली लगाकर सुर्खियां बटोरी थीं, वे बाद में पीछे हट गए। उन्होंने कहा था कि यह नंबर इतनी कीमत के लायक नहीं है और आगे से वह महंगी ऑनलाइन नीलामियों में हिस्सा नहीं लेंगे। सुधीर, जिन्हें वीआईपी नंबरों का शौक है, पहले से ही अपनी चार गाड़ियों पर 0777 वाला नंबर इस्तेमाल करते हैं। एक ज्योतिषी ने उन्हें बताया था कि 8888 नंबर उनके लिए और भी ज्यादा शुभ रहेगा, इसलिए उन्होंने यह बोली लगाई थी।