चीका के वार्ड नंबर 2 की सेगा प्लाट बस्ती में सोमवार रात को हुई बरसात के दौरान एक सोए हुए परिवार पर मकान की छत गिर गई। जिससे आठ महीने के एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं उसके माता-पिता बुरी तरह से घायल हो गए।
सेगा प्लाट निवासी करतार सिंह ने बताया कि वह बाहर बरामदे में सोया था तथा उसका छोटो बेटा विक्रम अपनी पत्नी सुमन व आठ महीने के बच्चे रवि के साथ अंदर कमरे में सोया हुआ था। करतार ने बताया कि आधी रात के समय उसने भरभराकर कुछ गिरने की आवाज सुनी तो हड़बड़ाकर उठ गया। साथ के कमरे से चीखने की आवाजें आईं तो उसके पैरों नीचे के जमीन खिसक गई।
उसने देखा कि जिस कमरे में विक्रम अपने परिवार के साथ सोया था, उसकी छत गिर गई है। करतार सिंह ने बताया कि इतने में दूसरे कमरे में सोया उसका बड़ा बेटा भी जाग गया था। उन्होंने विक्रम के कमरे का दरवाजा धकेलने की कोशिश की लेकिन अंदर से बंद होने के कारण दरवाजा नहीं खुला। करतार सिंह के अनुसार उन्होंने शोर मचाकर मोहल्ले वालों को जगाया तथा छत की तरफ से कुछ लोगों को कमरे में उतारा।
दरवाजा खोलकर जब मलबे से विक्रम और उसके बीवी बच्चों को ढूंढना शुरू किया तो वो पलंग पर बने मिट्टी के ढेर तले दबे पड़े थे। कमरे के एक कोने जब मिट्टी हटाई गई तो नीचे दबा आठ माह का मासूम रवि मिल गया। उसकी सांस चल रही थी, लेकिन उसके मुंह में मिट्टी भरी हुई थी। उसे तुरंत चीका के कई नर्सिंग होम में ले जाया गया लेकिन वह नहीं बच सका तथा उसकी मौत हो गई। साथ ही लोगों ने विक्रम एवं उसकी पत्नी सुमन को भी मलबे से बाहर निकाला। लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
घटना की सूचना पाकर नगर पालिका चीका के सचिव कुलदीप सिंह मलिक व बीडीपीओ संजय कुमार टांक भी सेगा प्लाट पहुंचे। पालिका सचिव कुलदीप सिंह मलिक ने कहा कि आपदा के शिकार हुए परिवार को प्रशासन पूरी मदद देगा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने सेगा प्लाट में हुए हादसे के प्रभावितों की समय पर सुध न लेने पर प्रशासन को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुख का विषय है कि एक गरीब परिवार पर प्राकृतिक आपदा टूट पड़ी और प्रशासन का कोई भी अधिकारी कई घंटों तक मौके पर नहीं पहुंचा। ईश्वर सिंह ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में डीसी कैथल केएम पांडुरंग से बात की है तथा आपदा के शिकार दलित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।