संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आगामी एक फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया जाना है। व्यापारियों व कारोबारियों को आने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। मंगलवार को शहर प्रमुख व्यापारियों ने बजट के संबंध में अपनी राय दीं। आम बजट से व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। सभी को खासकर टैक्स में राहत, छोटे उद्योगों के लिए नई योजनाएं बनने की आस है।
गौरतलब है कि हरियाणा ऑयल मिल्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान शिव नारायण गोयल के नेतृत्व में विभिन्न व्यापारियों का दल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके आवास पर मिलने गया था। सभी ने विभिन्न मांगो पर चर्चा की थी।
व्यापारियों का कहना है कि बजट में मांगों के पूरा होने से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापारी बढ़ते दबावों से निपटने के लिए सक्षम बनेंगे। सरकार से अपेक्षा है कि इस बार आम बजट में हमारे व्यापारिक सुगमता की दिशा में सोचा जाए।
सरकार को जीएसटी का सरलीकरण करना चाहिए
हरियाणा ऑयल मिल्र्ज एसोसिएशन के राज्य प्रधान शिव नारायण गोयल ने कहा कि इस बार सरकार को जीएसटी का सरलीकरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले बजट से प्रदेश के सभी व्यापारियों व कारोबारियों को बहुत उम्मीदें हैं। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार को व्यापारियों का बजट 900 से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये करना चाहिए। साथ ही प्रदेश के हर जिले में एक इंडस्ट्रीज हब बनाना चाहिए। ओर सरकार को जीएसटी का सरलीकरण भी करना चाहिए। ऐसा करने से व्यापारियों को राहत मिलेगी।
व्यापारियों को टैक्स में छूट दे
व्यापारी रामकुमार बंसल ने कहा कि व्यापारियों को टैक्स में छूट मिलनी चाहिए ओर उनके हितों का ध्यान रखे इसके साथ साथ महंगाई पर भी व्यापारियों व आम आदमी को राहत मिलनी चाहिए। व्यापारियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए।
स्वास्थ्य का बजट बढ़ाए
महाराजा अग्रसेन चैरिटेबल के अस्पताल के प्रधान सुभाष गोयल ने कहा कि स्वास्थ्य का बजट बढ़ाना चाहिए। कारोबारियों को टैक्स में राहत मिलने के आसार हैं। केंद्रीय बजट में शिक्षा व स्वास्थ्य पर भी सरकार बढ़ावा दे।
लाइसेंस प्रक्रिया सरल किया जाए
व्यापारी राजकुमार गोयल ने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जो महंगाई पर नियंत्रण रखें, कारोबार को सुगमता प्रदान करें और आर्थिक सुधारों को गति दें। लाइसेंस प्रक्रिया को सरल किया जाए ताकि व्यापारियों को लाभ मिल सके। व्यापारियों को पांच प्रतिशत जीएसटी में राहत मिले तो हालात बेहतर हो सकते हैं।