सावन के पहले सोमवार को पूरे शहर का माहौल शिवमय हो गया। शिवालयों में उमड़े श्रद्धा के सैलाब के बीच लोगों ने जलाभिषेक कर मन्नतें मांगी। इसी बीच हरिद्वार से कांवड़ लेकर कांवड़ियों के जत्थे शहर से गुजरने लगे हैं। कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह भंडारे भी शुरू हो गए हैं।
अल सुबह मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। शहर में महाभारतकालीन प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, प्राचीन अंबकेश्वर मंदिर, सूर्यकुंड के निकट स्थित महादेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, हुडा सेक्टर 19 में स्थित शिव मंदिर सहित शहर के लगभग सभी मंदिरों में सुबह से ही बम भोले को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु का तांता लगा रहा। अधिकतर भीड़ श्री ग्यारह रुद्री मंदिर में रही। बता दें कि काशी के बाद पूरे देश में केवल कैथल में ही ग्यारह रुद्र स्थापित हैं। सावन के महीने में विशेष रूप से सोमवार को पूजा अर्चना का विशेष फल मिलता है। ग्यारह रुद्री शिव मंदिर समिति के प्रधान माईलाल सैनी ने कहा कि मंदिर में कांवडिय़ों की सेवा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
पंडित प्रेम शंकर ने बताया कि सावन माह में पूजा का विशेष महत्व है। सोमवार से सावन का प्रारंभ माना जाता है। इसी कारण भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए सोमवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इसलिए सोमवार का व्रत एवं पूजा का सावन में विशेष महत्व है।
कांवड़ियों का तांता, भंडारों का आयोजन
हरिद्वार से कांवड़ लेकर कुरुक्षेत्र की ओर से कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो गया है। शाम तक शहर में आने वाले कांवड़ियों का तांता लग गया। कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जगह-जगह भंडारों का आयोजन कर कांवड़ियों की सेवा की जा रही है। ग्यारह रुद्री मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर सहित कई जगह कांवड़ियों की सेवा के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं।
नहीं लग सका डीजे पर प्रतिबंध
एसपी ने इस बार कांवड़ियों के वाहनों पर डीजे लगाकर ले जाने पर रोक लगाए जाने के आदेश जारी किए थे। लेकिन कई वाहनों पर डीजे लगाकर कांवड़िए बिना किसी रोक-टोक के जाते हुए देखे गए।
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय किए गए हैं। यूपी में किसी भी वाहन पर डीजे लगाकर प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। इसलिए वाहन चालकों को इस बारे में जागरूक करने के लिए ये आदेश दिए गए थे। इनके तहत वाहन चालकों को जानकारी दी जा रही है।
मंदिरों में अभिषेक के लिए सजाए जा रहे हैं महाकाल
कलायत क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। कलायत के निकट गांव खडालवा में स्थित पौराणिक स्वयंभू शिव मंदिर को आकर्षक रूप से सजाये जाने व मेले की तैयारियों को प्रबंध समिति द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर के मुख्य महंत गिरिजा गिरी व मौनी शर्मा ने बताया कि त्रयोदशी को रात्रि 1 बज कर 18 मिनट पर महाकांत का जलाभिषेक आरंभ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रियों व कांवड़ियों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में निरंतर भजन कीर्तन व भंडारे का आयोजन आरंभ हो चुका है। प्रबंध समिति में शामिल पूर्व सरपंच देवव्रत शर्मा, पप्पू पहलवान, मेवा सिंह जुलानीखेडा, ओमप्रकाश पूर्व सरपंच, रघुबीर फौजी, बलवंत सिंह, सतीश शर्मा द्वारा यात्रियों के रहने, खाने पीने के साथ भोलेबाबा के जलाभिषेक के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। महा शिवरात्रि पर्व पर नगर का माहौल शिवमय होता जा रहा है। अनेक स्थानों पर कांवड़ियों के लिए शिविर लगाए गए हैं।
इसके अलावा पूंडरी, गुहला-चीका, ढांड, राजौंद व सीवन सहित गांवों में स्थित शिवालयों में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।