कैथल। शहर में प्राचीन ऐतिहासिक आठ प्रवेश द्वार फिर अस्तित्व में आएंगे। इनमें से एक रेलवे गेट का नगर परिषद ने जीर्णोद्धार करवा दिया है। सोमवार को विधायक लीला राम व नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने नवनिर्मित रेलवे गेट का उद्घाटन किया।
इस गेट पर करीब 15 लाख रुपये लागत बताई गई है। इस तरह अब अन्य गेटों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। गौतलब है कि आजादी से पहले तक कैथल शहर इन्हीं आठ प्रवेश द्वारों के अंदर बसता था। शहर से बाहर केवल अंग्रेज अधिकारी की कोठी होती थी। इसके बाद शहर बाहर विकसित होना शुरू हुआ। समय के साथ शहर की प्राचीन पहचान रहे ये गेट अवैध कब्जों की जद में आ गए। धीरे-धीरे प्राचीन स्वरूप खत्म होता गया। इसके बाद पिछले दिनों रेलवे गेट पर बचे-खुचे ढांचे को जब हटाया गया तो नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने इस पर संज्ञान लिया और इसके जीर्णोद्धार के लिए टेंडर लगाया। अब इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
विधायक लीला राम ने भी शहर में पूर्व में बनी इस योजना अनुसार प्रवेश द्वार बनाए जाने की बात कही थी। सोमवार को विधायक लीला राम व नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने इसका उद्घाटन किया। लीला राम ने कहा कि कैथल शहर के सभी गेटों को जीर्णोद्धार करके नया रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैथल शहर के यह सभी गेट कैथल की पहचान है और हमें हमारी प्राचीन धरोहर को बचाकर के रखना यह हमारा नैतिक कर्तव्य है।
नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि यह एक खुशी का पल है, जब शहर की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में पहला कदम बढ़ा है। सभी आठ गेटों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। शहर का पुराना गौरव लौटाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि शहर को साफ-सुथरा एवं सुंदर बनाने के लिए कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। जो जल्द ही धरातल पर आएंगी। इस अवसर पर भाजपा नेता सुरेश गर्ग, रामकुमार नैन, हरपाल शर्मा, नरेश मित्तल, संजय भारद्वाज, अशोक भारती, प्रदीप भट्ट, सत्तू कठवाड़, विकास कठवाड, सादा गुर्जर, संजय गुर्जर, जग्गा सैनी, पार्षद लीलू सैनी, पार्षद राज सैनी मौजूद रहे।
कैथल का इतिहास
पुराण-कथा के अनुसार, राजा युधिष्ठिर ने महाभारत युग के दौरान कैथल की स्थापना की थी। बताते हैं कि कैथल का नाम कपिस्थल से बना है। करीब 40 साल पहले कैथल एक तहसील होती थी, जो कुरुक्षेत्र जिले में आती थी। इस दौरान इस तहसील के तहत कुल 700 गांव आते थे। फिर जिला बनने के बाद कैथल तहसील का रकबा घट गया। प्राचीन शहर में चंदाना गेट, प्रताप गेट, डोगरा गेट, सीवन गेट, माता गेट, कोठी गेट व क्योड़क गेट आदि स्थापित थे।