संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के अर्जुन नगर निवासी 55 वर्षीय फकीर चंद पेशे से कबाड़ बीनने और फेरी लगाने का काम करते हैं, लेकिन उनकी पहचान उनके काम से कहीं बड़ी है। पिछले करीब 30 वर्षों से गत्ता और प्लास्टिक इकट्ठा कर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले फकीर चंद अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगा रहे हैं। अब उनके इसी सेवा भाव को प्रशासन ने भी सम्मान देने का निर्णय लिया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
फकीर चंद बताते हैं कि वह रोजाना फेरी लगाकर गत्ता और प्लास्टिक एकत्र करते हैं। इससे कभी 800 तो कभी करीब 1000 रुपये तक की कमाई हो जाती है। इसी आमदनी से खुद का खर्च चलाने के साथ वह जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उनका कहना है कि कमाई कितनी है, यह मायने नहीं रखता, उसमें से जरूरतमंद के लिए कितना निकाला जा सकता है, यही सबसे बड़ी बात है। फकीर चंद का सेवा भाव उनके अपने जीवन के संघर्ष से भी जुड़ा है। वह बताते हैं कि उनके भाई-बहन मजदूरी करते थे। उनकी मृत्यु के बाद जो राशि मिली, उसे भी उन्होंने अपने पास रखने के बजाय धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगा दिया।
ये रही उपलब्धियां...
फकीर चंद ने अब तक आठ गरीब लड़कियों की शादी करवाई है। इसके अलावा कृष्ण गोशाला, गोपाल गोशाला और नंदी गोशाला में पशुओं के लिए शेड बनवाने में योगदान दिया। खाटू श्याम मंदिर में भी शेड का निर्माण करवाया। नीलकंठ मंदिर चंदाना में मुख्य गेट बनवाने के साथ अब गुंबद के निर्माण में भी सहयोग कर रहे हैं। अरुणाय मंदिर स्थित धर्मशाला में शेड तथा वृद्ध आश्रम में एक कमरे का निर्माण करवाया। मलिक नगर में खेड़ा निर्माण में भी योगदान दिया।
अमर उजाला की खबर के बाद मिला सम्मान
फकीर चंद के सेवा कार्यों को अमर उजाला ने कुछ समय पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के बाद प्रशासन ने उनकी सेवाओं का संज्ञान लेते हुए उन्हें 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया है। फकीर चंद ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाज की सेवा करते हैं। उन्होंने अमर उजाला टीम का भी आभार जताया और कहा कि उनकी सेवा को लोगों तक पहुंचाने से उन्हें और अधिक सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिली है।