संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ग्योंग में कार्यरत हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार चावला पिछले 30 वर्षों से हरियाणा शिक्षा विभाग में हिंदी भाषा शिक्षण के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के शुद्ध उच्चारण और सुनने-बोलने के पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिए भाषा शिक्षण लैब का उपयोग किया। लैब में उपलब्ध दृश्य-श्रव्य सामग्री के माध्यम से बच्चों को रोचक और प्रभावी ढंग से भाषा सिखाई जाती है।
हिंदी शिक्षण को आनंदमय बनाने के लिए उन्होंने अपने निजी खर्च से 15 खेलों की “खेल-पिटारा” किट तैयार की, जिन्हें कक्षा में प्रयोग कर विद्यार्थी सरलता से हिंदी सीख रहे हैं।
उन्होंने डिजिटल वीडियो गेम और इंटरैक्टिव ई-कंटेंट तैयार कर विद्यार्थियों को हिंदी विषय में दक्ष बनाने का अभिनव प्रयोग किया। विद्यालय की कक्षा नौ के छात्र उनके मार्गदर्शन में हिंदी और अंग्रेजी विषय के अपने स्वयं के खेल तैयार कर रहे हैं।
हिंदी व्याकरण को रोचक बनाने के लिए डॉ. चावला ने इन्फोग्राफिक, इंटरैक्टिव और सचित्र डिजिटल ई-व्याकरण विकसित की। इसे पूरे भारत के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है। उनके प्रयासों की सराहना हरियाणा के तत्कालीन शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा विभाग के निदेशक, उपनिदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी कर चुके हैं। डॉ. चावला के बनाए 60 से अधिक हिंदी वीडियो राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, गुरुग्राम के माध्यम से हरियाणा एजुसेट चैनल और दीक्षा पोर्टल पर प्रसारित हो चुके हैं।
हिंदी शिक्षण में नवाचारी प्रयोग के लिए मिले सम्मान
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भाषा शिक्षण में नवाचार के लिए भाषा सारथी सम्मान और भाषा नवाचारी सम्मान प्राप्त।
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जिला प्रशासन द्वारा सुशासन दिवस पर गुड गवर्नेंस सम्मान से सम्मानित।
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राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक पुरस्कार और राज्य शिक्षक पुरस्कार 2023 के प्राप्तकर्ता।
n आईसीटी उपकरणों के प्रभावी उपयोग के लिए चार राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त।