कैथल। कैथल के ऋषिनगर की गली नंबर चार निवासी बास्केटबॉल खिलाड़ी 31 वर्षीय हिमांशु शर्मा ने खेल जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वे भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान बने हैं। उनके अनुसार कैथल ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा से पहली बार किसी खिलाड़ी को भारतीय बास्केटबॉल टीम की कप्तानी करने का अवसर मिला है। वे 25 सितंबर से 4 अक्तूबर तक लेबनान के बेरूत में होने वाली वेस्ट एशिया सुपर लीग (डब्ल्यूएएसएल) में भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे।
इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम के अधिकतर खिलाड़ी भारतीय रेलवे से जुड़े हैं। पिछले वर्ष सीनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय रेलवे की टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इसी प्रदर्शन के आधार पर रेलवे टीम के खिलाड़ियों को भारतीय टीम के साथ वेस्ट एशिया सुपर लीग में खेलने का अवसर मिला है। इस प्रतियोगिता के लिए रेलवे टीम के अधिकतर खिलाड़ियों को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। भारतीय रेलवे के कोऑर्डिनेटर अमित प्राशर के प्रयास से टीम को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति मिली। वह पिछले करीब 12 वर्षों से भारतीय रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं और रेलवे की बास्केटबॉल टीम से खेल रहे हैं। वर्तमान में वह नई दिल्ली में डिप्टी सीटीआई के पद पर कार्यरत हैं।
चार घंटे के अभ्यास से राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे
हिमांशु ने बताया कि उन्होंने कैथल के सरकारी स्कूल से बास्केटबॉल खेलना शुरू किया था। शुरुआती दौर में वह रोजाना करीब चार घंटे अभ्यास करते थे। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार हिस्सा लिया और अब तक करीब 30 बार नेशनल खेल चुके हैं। खेल उपलब्धियों के कारण उन्हें भारतीय रेलवे में नौकरी मिली। उनकी स्कूली शिक्षा आईजी स्कूल कैथल से हुई जबकि उन्होंने आरकेएसडी कॉलेज कैथल से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
एसएएफ गेम्स और वर्ल्ड रेलवे चैंपियनशिप में भी खेल चुके
हिमांशु ने बताया कि वे कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और रेलवे का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इनमें गुवाहाटी में हुए इंटरनेशनल एसएएफ गेम्स और अमेरिका की लीग में अभ्यास का अनुभव शामिल है। वह बेल्जियम में हुई वर्ल्ड रेलवे चैंपियनशिप में भी हिस्सा ले चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी खेल चुके हैं। हिमांशु ने अपनी खेल यात्रा में कैथल के प्रशिक्षक दर्शन कुमार और स्वर्गीय इंद्रजीत डीपी के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि दोनों प्रशिक्षकों से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उन्हें खेल में आगे बढ़ने में मदद की। सरकारी स्कूल कमेटी चौक से शुरू हुआ उनका सफर अब भारतीय टीम की कप्तानी तक पहुंच गया है।
परिवार में दो भाई और एक बड़ी बहन
हिमांशु ने अपनी सफलता में परिवार के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके पिता हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं और मां गृहिणी हैं। परिवार में उनके अलावा दो भाई और एक बड़ी बहन हैं। बड़ी बहन विवाहित हैं। उनकी पत्नी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी हैं। वह बास्केटबॉल के साथ नेटबॉल और कॉर्फबॉल खेल चुकी हैं। वर्तमान में वह दिल्ली में आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
हिमांशु शर्मा- फोटो : 1