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Kaithal News: टॉप स्कोर बनाकर भारत में नंबर-एक बना हिमांशु

Wed, 25 Dec 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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राजिंद्र तंवर
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कैथल। भोपाल में आयोजित भोपाल में आयोजित 67वीं स्कूली राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में कैथल के होनहार निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। प्रतियोगिता में टॉप स्कोर बनाकर हिमांशु भारत में अब नंबर-एक पायदान पर पहुंच गए हैं।

विजेता खिलाड़ी हिमांशु की इस उपलब्धि ने उनके परिवार और कैथल जिले का नाम रोशन किया है। हिमांशु पहले भी विभिन्न राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पदक जीत चुके हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, परिवार का सहयोग और कोचिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रतियोगिता में छह लड़के व तीन लड़कियां भी भाग ले रहीं हैं।
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कोच कुलदीप नेहरा ने बताया कि भोपाल के सरकारी शूटिंग अकादमी में स्कूली 67वीं राष्ट्रीय जूनियर व सीनियर निशानेबाज प्रतियोगिता का आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता 15 से 31 दिसंबर तक चलेगी। प्रतियोगिता में नौ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें बालक वर्ग में राष्ट्रीय निशानेबाज खिलाड़ी हिमांशु ढिल्लों, रिंकू, वंश तुषार, वैभव तंवर और बालिका वर्ग में मुस्कान, अंकिता और स्नेहा भाग ले रहीं हैं। इनके मुकाबले अभी होने बाकी हैं। ये सभी नेहरा शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी हैं। कोच कुलदीप नेहरा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रदर्शन दिखाते हुए निशाने लगाए। खिलाड़ी हिमांशु ढिल्लों ने सटीक निशाने लगाते हुए चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीता।

हिमांशु ने इस प्रतियोगिता में अपना पहला राष्ट्रीय रिकार्ड 252.3 को तोड़ा और अब 253 रैंक बनाकर नया रिकार्ड बनाया। इसके अलावा हिमांशु ने सबसे ऊपर 632.5 का टॉप स्कोर बनाकर भारत में नं एक के पायदान भी पहुंच गया है। इतना बड़ा टॉप स्कोर आज तक किसी भी ओलंपियन खिलाड़ी ने भी नहीं बनाया है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रदर्शन दिखाया। प्रतियोगिता में प्रतिभागी खिलाड़ी कोच कुलदीप नेहरा ने भी सीनियर वर्ग में भाग लेते हुए 628.2 को स्कोर बनाया है। अब वे भारतीय टीम में शामिल होने के लिए स्वयं ट्रॉयल देंगे। इनका 10 मीटर एयर राइफल्स, ऑल इंडिया में 30वां रैंक है।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धि
n खिलाड़ी रिंकू ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में निशाने लगाकर 100 रैंक का स्कोर बनाया ओर यह भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए ट्रॉयल में भाग लेंगे।

n खिलाड़ी वंश ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में निशाने लगाकर 181 रैंक का स्कोर बनाया और वंश भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए ट्रॉयल में भाग लेंगे।

n खिलाड़ी तुषार ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में निशाने लगाकर 156 रैंक का स्कोर बनाया। तुषार भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए ट्रॉयल में भाग लेंगे।

n खिलाड़ी वैभव तंवर ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में निशाने लगाकर 61 रैंक का स्कोर बनाया। तुषार राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए ट्रॉयल में भाग लेंगे।

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एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) में राइफल इवेंट्स और संबंधित गतिविधियां कैडेट्स की फायरिंग और हथियार प्रबंधन कौशल को बढ़ाने के लिए आयोजित की जाती हैं। ये इवेंट्स मुख्य रूप से प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए आयोजित किए जाते हैं।
एनसीसी में होते हैं निम्नलिखित प्रमुख राइफल इवेंट्स
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फायरिंग प्रशिक्षण- राइफल हैंडलिंग और सेफ्टी, राइफल के सही उपयोग, उसे पकड़ने और उसकी सेफ्टी के नियमों को सिखाया जाता है। माक्र्समैनशिप- टारगेट पर सटीक निशाना लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

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शूटिंग प्रतियोगिताएं- इंटर-बटालियन शूटिंग प्रतियोगिता एनसीसी बटालियन्स के बीच आयोजित की जाती है। मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी- यह एक प्रमुख शूटिंग प्रतियोगिता है। ऑल इंडिया एम-क्यू-एस- ऑल इंडिया लेवल पर शूटिंग के लिए न्यूनतम क्वालिफिकेशन स्कोर को प्राप्त करना।
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राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप -इसमें एनसीसी कैडेट्स अपनी निशानेबाजी का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर करते हैं।

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फायरिंग रेंज अभ्यास - ड्रिल और लाइव फायरिंग विभिन्न प्रकार के हथियारों का उपयोग कर टारगेट अभ्यास।

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टेबल फायरिंग - इसमें सीमित रेंज में राइफल फायरिंग का अभ्यास किया जाता है।

n टेरेस्ट्रियल शूटिंग - एनसीसी शिविरों के दौरान प्राकृतिक वातावरण में फायरिंग की जाती है।

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22 एमएम राइफल फायरिंग - कैडेट्स को 22 एमएम राइफल से फायरिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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फायरिंग सिमुलेटर प्रशिक्षण - अत्याधुनिक सिमुलेटर का उपयोग कर निशानेबाजी का अभ्यास कराया जाता है।

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मूलभूत फायरिंग कौशल- इसमें लेफ्ट-राइट पोजीशन से फायरिंग और लक्ष्य को हिट करने की तकनीक सिखाई जाती है।

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यह इवेंट्स कैडेट्स को न केवल फिजिकल ट्रेनिंग में बल्कि आत्म-विश्वास, ध्यान केंद्रित करने और अनुशासन में भी सुधार करने में मदद करते हैं।

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खानपान स्टाल की जांच करते बम डिस्पोजल स्क्वैड

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