संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली से कटरा के लिए बनाया गया जम्मू-कटरा हाईवे हाल ही में कैथल तक शुरू कर दिया गया है, लेकिन अभी तक किसानों का मुआवजा लंबित है। वहीं, राजस्व विभाग की ओर से अभी तक 519 में 502 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। इसमें से 17 करोड़ रुपये का मुआवजा बाकी है।
उल्लेखनीय है कि राजस्व विभाग ने संबंधित गांवोंं की जमीन के कलेक्टर रेट के हिसाब से किसानों को प्रति एकड़ मुआवजा राशि दी है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक दिए गए 502 करोड़ रुपये में से करीब 45 करोड़ रुपये की राशि कोर्ट में लंबित है। इस राशि को वितरित करने का फैसला अदालत की ओर से किया जाना है। जिले में इस हाईवे के लिए करीब चार हजार किसानों की करीब 878 एकड़ जमीन अधिकृत की गई थी। यह हाईवे जिले की करीब 20 किलोमीटर तक गुजर रहा है।
गौरतलब है कि किसानों को अपनी मुआवजा राशि लेने के लिए कई कागजी कार्यवाही से गुजरना पड़ता है, ऐसे में वे इस मुआवजा लेने के लिए राशि नहीं लेने के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि कुछेक राशि का कोर्ट में केस चल रहा है। विभाग से मिली जानकारी अनुसार अभी तक करीब साढ़े 850 किसानों की मुआवजा राशि का वितरण लंबित है।
गौरतलब है कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत जम्मू से लेकर कटरा तक नया हाईवे बनाया गया है। इस नेशनल हाईवे की लंबाई कैथल में करीब 20 किलोमीटर की है। यह कैथल जिले के किठाना गांव से शुरू होकर बरटा से गांव से पंजाब में प्रवेश कर रहा है। फिलहाल यह हाईवे दिल्ली से लेकर जम्मू, कटरा तक किसी भी शहर या गांव के अंदर के क्षेत्र से नहीं गुजरा है। इस हाईवे को फिलहाल दिल्ली से हरियाणा के कैथल जिले तक शुरू किया गया है। पंजाब में इसका निर्माण कार्य जारी है। इस हाईवे का निर्माण पूरा होने के बाद वैष्णो देवी तक का सफर आसान हो जाएगा।
जिला राजस्व अधिकारी चंद्रमोहन ने बताया कि इस हाईवे में काफी कम किसानों की ओर से मुआवजा बाकी है। इन किसानों को मुआवजा लेने के टीमों की भी ड्यूटियां लगाई गई हैं। इसके तहत किसानों को अपना मुआवजा लेने के लिए संदेश दिया गया है। किसान अपनी कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद मुआवजा ले सकते हैं। विभाग के रिकॉर्ड अनुसार करीब 850 किसानों की मुआवजा राशि लंबित है।
यहां जमीन का किया अधिग्रहण
n सौंगरी
n
कमालपुर
n बड़सीकरी कलां
n बड़सीकरी खुर्द
n जुलानी खेड़ा
n कलायत
n
खरक पांडवां
n चौशाला
n दुब्बल
n
हरिपुरा
n सिणद
n सजूमा
n बरटा
n
धनौरी