गुहला-चीका। पिहोवा रोड पर स्थित वार्ड नंबर 17 में मंगलवार की रात को बड़ा हादसा टल गया, जब 11 हजार वोल्ट की तार टूट कर मकान की छत पर लगी ग्रील के ऊपर आ गिरी। तार के ग्रील से छूते ही उसमें से जोरदार चिंगारियां निकले लगी और पूरे मकान में करंट दौड़ने लगा।
घर के मालिक सुरेंद्र कुमार ने चारपाई से नीचे पांव रखे तो उसे करंट ने अपनी चपेट में ले लिया और वह औंधे मुंह गिर पड़ा जिससे उसके दोनों घुटनों में चोट आई है। काफी देर तक चिंगारियां निकलने के बाद बिजली ट्रिप कर गई और टूटी हुई तार आंगन में आ गिरी। जिस समय तार टूटकर मकान के ऊपर गिरी उस समय घर के आंगन में परिवार के छह सदस्य सो रहे थे, जो करंट की चपेट में आने से बाल बाल बचे हैं। करंट लगने से घायल हुए सुरेंद्र सिंह को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वार्ड वासी राजू, ईश्वर, गुरबचन, बब्बू, सुखविंद्र, सोनू, रुपिंद्र ने बताया कि बदसूई फीडर से चीका की तरफ आने वाली 11 हजार वोल्ट की तार महेंद्र सिंह, गुरनाम सिंह, देश राज, गुरचरण, रामफल, देवराज जांगड़ा, गुरदेव सैनी आदि के मकानों के बिल्कुल ऊपर से गुजरती है। इस लाइन के कई खंभे तो मकानों के आंगन के अंदर लगे है। इन लोगों ने बताया कि यह तार पहले भी कई बार टूट कर घरों के ऊपर गिर चुकी है लेकिन विभाग के अधिकारी इस लाइन को हटाने की जहमत नहीं उठा रहे। देवराज जांगड़ा ने बताया कि 11 हजार वोल्ट की लाइन को घरों के ऊपर से हटवाने के लिए वह साल 2012 से प्रयास करता आ रहा है लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी उनकी एक नहीं सुन रहे। देवराज ने बताया कि उसने 9 दिसंबर 2012 को बिजली विभाग के अधिकारियों को पहली बार लिखित पत्र दे इस लाइन को हटवाने की मांग की थी लेकिन अधिकारी किसी न किसी बहाने उसे टालते रहे हैं। फिर एक बार इस लाइन की तार टूट कर घर के ऊपर गिरी, जिसमें परिवार के छह सदस्य करंट की चपेट में आते आते बचे हैं। लोगों ने मांग की है कि मकानों के ऊपर से गुजर रही बिजली की इस तार को तुरंत हटाया जाए।
निगम के एसडीओ राहुल वर्मा का कहना है कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं हैं। पता करवाएंगे कि यह हादसा कब हुआ।