संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के वार्ड-22 की बैंक कॉलोनी की बाल्मीकि बस्ती में शुक्रवार को अचानक अधिक वोल्टेज आने से लगभग 50 घरों में बिजली उपकरण जले। इस घटना में घरों के फ्रिज, एसी, इन्वर्टर, पंखे, कूलर, एलईडी लाइट और पानी की मोटर सहित कई उपकरण खराब हो गए। प्रभावित लोगों ने जिला प्रशासन और बिजली निगम से अपने नुकसान की भरपाई की मांग उठाई है।
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि यह हादसा बिजली निगम के ठेकेदार और उनके कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ। शुक्रवार सुबह बिजली निगम की ओर से कर्मचारी मीटर बदलने के लिए आए थे। लोगों के अनुसार, कर्मचारियों ने मीटर बदलते समय तार गलत जोड़ दिए। शाम को जैसे ही बिजली आपूर्ति चालू हुई, कई घरों के उपकरणजलकर खराब हो गए। कई घरों में तो उपकरणों से धमाके और चिंगारी भी निकली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अब वे न तो अपने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने देंगे और न ही प्रीपेड मीटर लगवाएंगे। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही बिजली ठेकेदार, बिजली निगम के अधिकारियों और वार्ड पार्षद की जिम्मेदारी है। बस्ती के लोगों ने बार-बार कहा कि उनका लाखों रुपए का नुकसान संबंधित ठेकेदार या उसकी टीम से ही पूरा कराना होगा।
ठेकेदार पर कर्मचारी चयन का आरोप:
बस्ती के लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने मीटर बदलने का काम उन कर्मचारियों को सौंपा, जो रोजाना चौक पर दिहाड़ी के लिए खड़े रहते हैं। इन कर्मचारियों को कम दिहाड़ी पर काम सौंपा गया, जिसके कारण बिजली उपकरण जलकर जले और लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
लोगों की मांग और गुस्सा: बस्ती के लोग इस लापरवाही को लेकर गुस्से में हैं। उनका कहना है कि बिजली निगम की ओर से आए कर्मचारी दिनभर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके नुकसान की भरपाई ठेकेदार या बिजली निगम की ओर से नहीं की गई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
इस संदर्भ में शहरी यूएचबीपीएन के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि वार्ड 22 की बैंक कॉलोनी की बाल्मीकि बस्ती से अब तक उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि ठेकेदार की गलती के कारण किसी को नुकसान हुआ है, तो वह प्रभावित लोग लिखित शिकायत दें। उनकी शिकायत मिलने पर ही ठेकेदार से नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। इस मामले में संबंधित एसडीओ और जेई से जवाब तलब किया जाएगा।
गर्मी में हाथ से पंखा चलाकर रात गुजारी
शुक्रवार देर रात बिजली उपकरण जलकर जले होने के बाद शनिवार को बिजली निगम के किसी भी कर्मचारी ने नुकसान का निरीक्षण नहीं किया। सुशीला और कमला आदि ने बताया कि उन्होंने रातभर हाथ से पंखा चला कर गर्मी में समय बिताया। शनिवार की सुबह भी बिजली ठीक न होने के कारण पानी की भारी किल्लत रही। टंकियों में पानी न होने से लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित हुए। शनिवार शाम तक भी समस्या का समाधान नहीं होने से बस्ती के लोग परेशान दिखाई दिए।