संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नौतपा में लू के थपेड़े सता रहे हैं। उधर, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ गए हैं। नौतपा के चौथे दिन मंगलवार को अधिकतम पारा 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पारा अभी तीन दिन और तपाएगा। पिछले 15 दिन से लगातार 40 डिग्री से अधिक तापमान बना हुआ है। लू का कहर जारी रहेगा। मौसम में 31 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ बनने से कुछ राहत की आस है।
उधर अधिक गर्मी के चलते अस्पतालों में भी उल्टी व दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी पड़ रही है।
अप्रैल माह के अंतिम दिन बढ़ती गर्मी न लोगों को बेहाल कर दिया। मंगलवार को जनजीवन बेहद प्रभावित रहा। सूरज की तपिश ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
दोपहर के समय शहर की सडक़ें सुनसान रही। लोग गर्मी से बचाव को लेकर घरों में दुबके हुए नजर आए। दोपहर के समय में लोग जरूरी काम से ही घर से निकले। वह भी पूरे चेहरे को ढककर। दोपहिया वाहन चालकों को लू के थपेड़ों ने खूब सताया।
अभी कई दिनों तक झुलसा देने वाली गर्मी से अगले कई दिनों में राहत मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही तापमान बढऩा शुरू हो जाता है। दस बजे के बाद से तो आसमान से मानों आग बरसने लगती है। तपिश के चलते घरों से बाहर निकलने में भी दिक्कतें होती हैं।
पंखे भी गर्म हवा देने लगते हैं। वहीं बिजली कटों के कारण लोगों का हाल-बेहाल हो गया है। दिन व रात को कई घंटों के कट लग रहे हैं। इससे पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो गई है। इस मौसम में उल्टी व दस्त के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। सब्जियों की फसल हो रही है प्रभावित हो रही है।
फिलहाल गर्मी से राहत की आस नहीं है। लू का कहर बना रहेगा। वायुमंडल में 31 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ बनने जा रहा है। एक व दो जून को पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव होने की संभावना है। -डॉ. रमेश वर्मा, कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।