कैथल। जिले में बीते कुछ दिनों की राहत के बाद तापमान में अचानक बढ़ोतरी हुई है। रविवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिससे लोगों को दोपहर के समय तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम दिखाई दी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है। अनुमान है कि अगले सप्ताह तक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है। सुबह से ही तेज धूप निकलने लगी है और दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। रविवार को बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय लोगों की संख्या कम नजर आई। कई लोग सिर ढककर और चेहरे पर कपड़ा बांधकर घरों से बाहर निकले। ठंडे पेय पदार्थों, जूस और शिकंजी की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ती दिखाई दी।
डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा कि लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। दोपहर के समय बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को छाते, टोपी या गमछे से ढककर निकलें और अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें। खान-पान में तली-भुनी और बासी चीजों से परहेज करें, जबकि छाछ, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन लाभकारी है। इसके अलावा पशुओं का भी ध्यान रखें। उन्हें समय समय पर पानी पिलाएं और नहलाएं।
लू की चपेट में आने से हो सकती है बीमारी
तेज बुखार और लगातार सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, त्वचा का सूख जाना या लाल होना, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद हो जाना और सांस या धड़कन का तेज होना आदि।
लक्षण दिखें तो तुरंत क्या करें
यदि किसी व्यक्ति में लू लगने के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडे पानी की पट्टियों से ठंडा करें। यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे पानी या ओआरएस का घोल पिलाएं। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि अब जून तक गर्मी सताएगी। बेल वाली सब्जियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए सभी किसानों से अपील है कि मौसम के अनुसार अपनी सब्जियों में सिंचाई करें। II