कैथल। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अपराजिता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जिले में 13,409 मामलों की सुनवाई लंबित है, जो कुल मामलों का 11.18 प्रतिशत है। इन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में लगाए गए विशेष शिविरों और घर-घर सर्वे के दौरान 1,248 लंबित मामलों की सुनवाई की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी अपराजिता ने बताया कि नोटिस की सुनवाई समय पर पूरी करने के उद्देश्य से 9 अक्तूबर को भी ऐसे मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे और घर-घर सर्वे किया जाएगा, जहां नोटिस प्राप्त होने के बावजूद संबंधित मतदाताओं की ओर से अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि नोटिस व सुनवाई से संबंधित मामलों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रभावी मॉनिटरिंग और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करे।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए जिले के 807 मतदान केंद्रों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 796, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 713, इंडियन नेशनल लोकदल के 359, जननायक जनता पार्टी के 180, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के 32 और बहुजन समाज पार्टी के 75 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, जननायक जनता पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल, बहुजन समाज पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के 4-4 बीएलए-1 भी नियुक्त किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी ऐसे पात्र मतदाताओं से अपील की है, जिन्होंने अभी तक अपने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं और निर्धारित दस्तावेज अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा करवाएं। ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम 6 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें।