संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन थाना क्षेत्र में एक महिला ममता को थर्ड डिग्री टॉर्चर के लगाए गए आरोपों के मामले में अब अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, हिसार से करीब 20 दिन बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। हालांकि अभी तक इस परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं मंगलवार को महिला को जिला नागरिक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, क्योंकि उसका स्वास्थ्य अब सामान्य बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व कैथल एसपी ने तीन जुलाई को पीजीआई चंडीगढ़ को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पत्र लिखा था, लेकिन पीजीआई ने मामले में राज्य सरकार का हस्तक्षेप बताते हुए परीक्षण करने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद महिला का परीक्षण अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से कराया गया।
महिला के भतीजे सचिन ने बताया कि उनकी चाची ममता को अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को स्वास्थ्य सामान्य होने का हवाला देते हुए छुट्टी दे दी। वह पिछले लगभग 23 दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं।
पूर्व में हुए स्थानीय मेडिकल परीक्षण में ममता के शरीर पर नौ स्थानों पर चोट के निशान पाए गए थे। मगर अग्रोहा में हुए हालिया मेडिकल की रिपोर्ट न तो ममता को दी गई, न ही परिवार को किसी स्तर पर जानकारी मिली है।
जांच प्रक्रिया और आयोग की संलिप्तता ः यह मामला हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग तक भी पहुंचा था, जिसने संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी।
आयोग ने करनाल एडीजीपी से फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, रोहतक पीजीआई से चिकित्सकीय समिति, एक निजी डॉक्टर की गवाही और पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि अब मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है, जहां से प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आगामी सुनवाई हाईकोर्ट की ओर से की जाएगी।
ममता का मेडिकल परीक्षण करनाल एसआईटी के निर्देश पर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, हिसार में कराया गया है। परीक्षण की रिपोर्ट के बारे में पूरी जानकारी एसआईटी के पास है और अभी तक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। मेडिकल के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन