स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सोमवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कैथल पहुंच गए। अंबाला रोड स्थित रेस्टहाउस में उनके पहुंचने की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसपी, सीएमओ समेत कई आला अधिकारी रेस्टहाउस की तरफ दौड़ लेकिन मंत्री के न पहुंचने के कारण कुछ देर बाद वहां से वापस मुड़ गए।
इसी बीच फिर से सूचना आई कि स्वास्थ्य मंत्री पहुंच रहे हैं। महज पांच मिनट में फिर से अधिकारी रेस्टहाउस पहुंचे। इसके कुछ ही देर बाद स्वास्थ्य मंत्री का काफिला पीडल्ब्यूडी विश्रामगृह पहुंचा। यहां चाय पीने के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिरसा के लिए रवाना हो गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को रोड मैप तैयार किया है। प्रत्येक जिले में एमआरआई व सीटी स्कैन की मशीनें लगाई जाएंगी। 31 मार्च तक प्रदेश के सभी अस्पतालों को ऑनलाइन कर दिया जाएगा जिसमें जन्म-मृत्यु का डाटा ऑनलाइन होगा। अभिभावकों को 10 मिनट में जन्म प्रमाणपत्र मिल जाएगा। अस्पतालों को ऑनलाइन करने के साथ प्राइवेट अस्पतालों को भी इसका लिंक दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में 64 करोड़ के उपकरण भेजे जाएंगे। उपकरण आने के बाद अगर डॉक्टर फिर भी मरीज को अस्पताल से रेफर करते हैं, तो उसकी जांच होगी। प्रदेश के 84 अस्पताल में एनएबीएच के तहत विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। जिला के मुख्य अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी व उप अस्पताल में यह सेवाएं मिलेंगी।
सभी जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज
सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की सरकार की योजना है। भिवानी और पंचकूला में सरकारी कॉलेज खोले जाएंगे। इसके अलावा अन्य जिलों में प्राइवेट व धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों 700 डॉक्टरों की भर्ती निकाली थी जिसमें से 300 में से 200 ने ज्वाइन कर लिया है। इसके अलावा जल्द ही 2800 पैरा मेडिटिस्ट व 100 डेंटल सर्जन की भर्ती निकाली जा रही है। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है।