संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के सात ब्लॉकों में कुल 279 गांवों में से 20 को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब टीबी मुक्त अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने अब जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए टीबी की जांच के लिए फिर से सर्वे शुरू करने जा रहा है।
इसके तहत मई की शुरुआत में विभाग के कर्मियों की ओर से घर-घर पहुंचकर टीबी के मरीजों की जांच की जाएगी। इस सर्वे के तहत टीबी की बढ़ रही बीमारी वाले गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और उन्हें बचाव की भी जानकारी दी जाएगी। सर्वे की तिथि की घोषणा जल्द होगी।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग की अेार से जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई मुहिम अब रंग लाने लगी है। हाल ही में कैथल जिले के 20 गांव टीबी मुक्त हुए हैं। पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने टीबी की जांच को लेकर करीब छह महीने पहले ही विभाग ने सर्वे करवाया था। इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही इन गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। केंद्र सरकार ने भी 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 1800 मरीज पॉजिटिव मिले थे। जबकि 360 मरीजों की मौत हुई थी। वर्तमान समय में करीब एक हजार मरीज एक्टिव हैं। जबकि 350 मरीजों को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की तरफ से गोद लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग टीबी के मरीजों को छह महीने में तीन हजार रुपये दे रही है। इसके तहत प्रतिमाह 500 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग ने एक साल में टीबी मरीजों को 70 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।
चलाया गया है प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान ः टीबी से बचाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया है। इस योजना के तहत अब जन प्रतिनिधि व समाजसेवी संस्थाओं के लोग मरीजों को गोद लिया है।
मरीजों को गोद लेने के बाद उन्हें जरूरत का सामान पहुंचने सहित अन्य सहायता दी जा रही है।
सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी का इलाज निशुल्क है। विभाग टीबी में मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता दे रहा है। सरकार समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रतियोगिताएं करवाती हैं। टीबी क्लीनिक में टीबी चैंपियन की कहानियां मरीजों से साझा की जाती है, ताकि कोई टीबी पीडि़त इस बीमारी के सामने घुटने न टेके। अब विभाग की ओर से जल्द ही मई महीने में भी टीबी मुक्त अभियान के तहत घर-घर का सर्वे शुरू किया जाएगा। -डॉ. संदीप बातिश, नोडल अधिकारी, टीबी मुक्त अभियान, कैथल।
ये गांव हो चुके टीबी मुक्त
n मंझेडी
n
बुडनपुर
n
छन्ना जाटान
n हरनौला
n जुनेदपुर
n सुल्तानियां
n कसौली
n खेड़ी दाबन
n
मेगा माजरा
n फर्शमाजरा
n ढंडवाना
n धेरूड़ू
n दुमाड़ा
n भालंग
n
कलासर
n नरवलगढ़
n सिल्लाखेड़ा
n बदनारा
n जटहेड़ी
n मुन्नाहेड़ी