संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में डेंगू को लेकर डोर टू डोर सर्वे जारी है। इसी कड़ी में रविवार को अवकाश के दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पूरे जिले में ड्राई डे मनाया। इस दौरान लार्वा को बीमारी से बचाव की जानकारी दी।
डेंगू के मच्छर का लार्वा मिलने पर दवाई का छिड़काव कर नष्ट किया। वहीं, बुखार से पीड़ित लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपलों को जांच के लिए नागरिक अस्पताल की लैब में भेजा जाता है। डेंगू की पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है। अब तक जिले में डेंगू के 77 केस संक्रमित मरीज मिल चुके हैं।
गौरतलब है कि शनिवार को जिलेभर के सात हजार 523 घरों व दुकानों में डेंगू के मच्छर के लार्वा की जांच की थी। इस दौरान अलग-अलग टीमों को 25 जगहों पर डेंगू के मच्छर का लार्वा मिला था।
उधर, 15 बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भिजवाए गए, जिनकी रिपोर्ट आज आएगी। फिलहाल जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग की 238 रेपिड रिस्पांस टीमें फील्ड में काम कर रही है। डेंगू के मच्छर का लार्वा मिलने पर सभी संबंधित मालिकों को नोटिस दिया गया था। अब तक 4506 संदिग्ध मरीजों के डेंगू के सैंपल लिए गए थे। साथ ही अब तक 4609 जगहों पर डेंगू के मच्छर का लार्वा मिल चुका है। सभी को नोटिस दिए गए थे।
डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. नीरज मंगला ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव को लेकर टीमें घर घर जा रही है। विभाग की तरफ से आइसोलेशन वार्ड जिला नागरिक अस्पताल में बनाया गया है। मरीजों की पुष्टि होने पर इलाज निशुल्क किया जाता है। वहीं डेंगू की जांच को लेकर भी कोई पैसा नहीं लिया जाता। लोगों से अपील है कि डेंगू और मलेरिया के संदर्भ में जारी हिदायतों का पालन करें। अगर कोई लक्षण नजर आते हैं तो इसकी जांच करवाएं, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रखे हुए हैं।