31-कैथल। शहर के एक निजी अस्पताल में जांच करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक अस्पताल में शनिवार को गर्भपात की सूचना पर छापा मारा। वहां मिली एक महिला का सुबह चार बजे गर्भपात किया गया था। वहीं एक अन्य महिला भी दाखिल मिली, जिसका दो दिन पहले गर्भपात किया था। दोनों केसों में से एक का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जबकि दूसरी का आधा अधूरा मिला। सीएमओ की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गर्भपात करने व अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस में शिकायत दी है।
मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को एक निजी अस्पताल में 23 माह की गर्भवती महिला का गर्भपात करने की सूचना मिली थी। बताते हैं कि यह अस्पताल ज्यादा चल नहीं रहा। सूचना के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डा. बलविंद्र सिंह की अगुवाई में डा. हमीदा, डा. गौरव पूनिया, कर्मचारी राजेश कुमार पहुंचे। वहां एक महिला मिली। उसने बताया कि सुबह चार बजे उसका गर्भपात किया गया है। जांचने पर अस्पताल में महिला का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मौके पर एक एमबीबीएस चिकित्सक सहित स्टाफ सदस्य मिले, जबकि अस्पताल की संचालिका डॉक्टर नहीं मिली। गर्भपात भी सुबह चार बजे किया था। यहां एक अन्य महिला मिली, जिसका दो दिन पहले गर्भपात किया। इससे संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरा मिला।
डा. गौरव पूनिया ने बताया कि विभाग ने डिप्टी सिविल सर्जन डा. बलविंद्र की अगुवाई में रेड की है। सिविल लाइन थाना से एसआइ राजकुमार मौके पर पहुंचे। यहां जिस महिला का गर्भपात किया, उसका 23 माह का गर्भ था। उसके बच्चे की स्थिति खराब थी। महिला को अपना गर्भपात करवाने का अधिकार है लेकिन अस्पताल में 20 सप्ताह तक ही गर्भपात का अधिकार है। 23 सप्ताह के लिए गर्भपात के लिए दो महिला रोग विशेषज्ञों का होना जरूरी है। यहां न तो इस नियम का पालन किया और न ही महिला का पूरा रिकॉर्ड मिला। साथ ही दो दिन से दाखिल महिला का भी रिकॉर्ड पूरा नहीं मिला। अस्पताल संचालक से बात की गई तो उसने बताया कि वे नागपुर हैं। ऐसे में गर्भपात करने पर अज्ञात के खिलाफ व अस्पताल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी है। गर्भपात किसने किया? यह पुलिस जांच में साफ हो सकेगा।