संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में सुधार होने की बजाय अब लगातार वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वीरवार को अक्तूबर महीने का सबसे अधिक 280 पर वायु प्रदूषण का स्तर दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि पराली जलाने के मामले बढ़ने से भी हवा अधिक खराब हो रही है। ऐसे में जिले में इस बार पिछले साल की अपेक्षा अधिक मामले आए हैं। इसके साथ ही जिले में पराली जलाने के मामलों का शतक हो चुका है। इस दौरान तीन नए मामले पराली जलाने के आए हैं।
ऐसे में वीरवार तक 100 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं। इसके साथ ही पराली जलाने वाले किसानों पर एक लाख 82 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि अभी तक किसी भी किसान के खिलाफ पराली जलाने के मामले पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
वहीं, अभी तक जिले में वायु प्रदूषण का स्तर 280 से पार पहुंच गया है। जो अब आगामी दिनों में लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकता है। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण का स्तर 100 से ऊपर रहा रहा था। इस दौरान केवल एक बार ही वायु प्रदूषण का स्तर 152 पर पहुंचा था, लेकिन वीरवार को वायु प्रदूषण का स्तर 280 तक पहुंच गया।
दूसरी ओर वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर प्रदूषण बोर्ड की ओर से सख्ती बरती जा रही है। यदि जागरूकता के बावजूद सहयोग नहीं किया गया तो उचित कार्रवाई प्रदूषण बोर्ड करेगा।
कृषि विभाग के सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के 100 मामले आ चुके हैं। वीरवार को भी विभाग को तीन और पराली जलाने की लोकेशन मिली है। हालांकि अभी तक एक भी किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।