गुहला-चीका। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को चीका अनाज मंडी का दौरा कर गेहूं खरीद व उठान पर आढ़तियों से जानकारी ली। आढ़तियों ने उनके समक्ष गेहूं की उठान न होने का दुखड़ा सुनाया। शिकायत करते हुए कहा कि उठान न होने से भुगतान नहीं हो रहा और किसान रुपयों के लिए आढ़तियों को परेशान कर रहे हैं।
इससे पूर्व कृषि मंत्री का आढ़ती मेघराज दर्शन लाल की दुकान पर पहुंचने पर अशोक कुमार गर्ग व अन्य आढ़तियों ने कृषि मंत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर उनके साथ गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर व एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह भी मौजूद रहे। अनाज मंडी प्रधान कर्मचंद गर्ग, अशोक कुमार, साधु गुप्ता, राजेंद्र गर्ग, गौरी शंकर, अजय कुमार आदि ने मंत्री को मंडी समस्याओं की जानकारी दी।
आढ़तियों ने बताया कि आज भी 70 प्रतिशत से अधिक गेहूं मंडी में पड़ा है। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार प्रति कट्टा 12 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा और यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। मंडी प्रधान कर्मचंद ने कृषि मंत्री को बताया कि गेहूं उठान का टेंडर मंडी एसोसिएशन को देने के लिए आढ़ती पिछले कई दिनों से कैथल से लेकर चंडीगढ़ तक के चक्कर लगा रहे है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने मंडी एसोसिएशन की आईडी तो बना दी लेकिन उनके जो ट्रक पहले ही ठेकेदार की आईडी पर दर्ज है उन्हें रिलीज नहीं किया जा रहा जिसके चलते वे गेहूं उठान नहीं कर पा रहे हैं।
डीएफएसी निशांत राठी ने बताया कि आढ़तियों की मांगों को पंचकूला मुख्यालय भेज दिया है। ठेकेदार के खिलाफ रिश्वत की लिखित शिकायत नहीं की है।
आपस में उलझे आढ़ती
मंडी एसोसिएशन के प्रधान कर्मचंद व अन्य आढ़ती जब मंत्री के समक्ष उठान की समस्या रख रहे थे तो दूसरे पक्ष के कुछ आढ़तियों ने आरोप लगाया कि एसोसिएशन के सदस्य सिर्फ अपनी व अपने चहेते आढ़तियों की गेहूं उठवा रहे है जबकि आम आढ़ती को एक भी ट्रक उपलब्ध नहीं करवाया गया है।
पंजाब की तर्ज पर गेहूं खरीद के बाद भुगतान की मांग
गुहला-चीका। आढ़तियों ने मांग रखी कि यदि पंजाब की तर्ज पर गेहूं खरीद के तुरंत बाद भुगतान कर दिया जाए तो किसान व आढ़ती को रुपयों की दिक्कत भी नहीं रहेगी और उन्हें गेहूं उठाने के नाम पर रिश्वत भी नहीं देनी पड़ेगी। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वे डीसी से रिपोर्ट लेंगे और यदि ठेकेदार या किसी अधिकारी ने रिश्वत की मांग की है उसके खिलाफ लिखित में शिकायत दें। रिश्वत मांगने वाले ठेकेदार या अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद