फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 घंटों से जारी बारिश, 26 एमएम हुई बारिश

विज्ञापन
Havy Rain - फोटो : Kaithal
विज्ञापन
पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जहां मौसम में ठंडक बनी हुई है। वहीं गेहूं की फसल के लिए यह बारिश काफी लाभदायक बताई जा रही है। कुछेक सब्जियों की फसलों में इसका नुकसान जरूर है। लेकिन इस बार अब तक सीजन में हुई बारिश को अधिकतम इलाकों में बोई जाने वाली गेहूं की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है। वहीं पौष व माघ माह में भी इस बार सावन के महीने की तरह रूक-रूक कर बरसात हो रही है। हर चौथे दिन आसमान में बादल छा जाते हैं और कभी हल्की बूंदाबांदी तो कभी तेज बरसात हो रही है।
विज्ञापन

पिछले दो माह में कैथल जिले में औसतन करीब 26 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। जो बीते मानसून सीजन के लगभग समान रही है। वहीं तापमान में भी उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। मंगलवार को बरसात के चलते जिले का अधिकतम तापमान 17 व न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली हवा में 92 प्रतिशत तक नमी रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी कुछ दिनों तक और बारिश जारी रहने की संभावना है।
सोमवार सांय से रुक-रुक कर हल्की बूंदाबांदी जारी थी। इसके बाद मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे । इसी बीच सांय के समय अचानक तेज हवाओं के साथ आई तेज बारिश से शहर महज 5 से 10 मिनट में पानी-पानी हो गया। शहर में एसबीआई रोड, रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे का इलाका, अमरगढ़ गामड़ी का इलाका सहित कई इलाकों में पानी भर गया। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

गुहला क्षेत्र में करीब 36 एमएम बारिश -दिसंबर माह की शुरूआत से लेकर अब तक जिले के कैथल शहर से लगते क्षेत्र में 23 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। ऐसे ही गुहला क्षेत्र में करीब 36 एमएम बरसात हुई है। कलायत में सबसे कम 20 एमएम बरसात पिछले दो माह में दर्ज की गई है।
मानसून के सीजन में चार माह में जिले में हुई थी 127 एमएम बरसात- मानसून के सीजन में जून से लेकर सितंबर तक जिले में औसतन 127 एमएम बरसात दर्ज की गई थी। इसमें से पहले दो महीनों में करीब 64 एमएम बरसात रही थी। उन चार महीनों में कैथल में 97 एमएम व कलायत में 76 एमएम बरसात हुई थी। गुहला में सबसे ज्यादा बरसात दर्ज की गई थी, जो 261 एमएम रही थी। बीते दो महीनों में भी हालात मानसून जैसे बने हुए हैं।
मंगलवार को शाम तक जिले में हुई करीब 5 एमएम बारिश -राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि मंगलवार को शाम तक जिले में औसतन करीब पांच एमएम बरसात हुई। इसमें से गुहला में छह एमएम, कैथल में पांच और कलायत में चार एमएम बरसात दर्ज की गई। रात को भी बरसात जारी रही।
कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि बरसात से सब्जियों की फसल को नुकसान होने की संभावना अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर बारिश ज्यादा होती है तो गेहूं की फसल को भी नुकसान हो सकता है। खेतों में कई दिनों तक पानी खड़ा रहने के कारण फसल पीली पड़ने लगती है। उन्होंने किसानों का सलाह दी है कि अगर पानी के कारण कहीं भी गेहूं की फसल खराब होने लगे तो कृषि विशेषज्ञों से संपर्क कर तुरंत फसल में यूरिया, जिंक या जरूरी दवाईयों का स्प्रे करें। वहीं प्रगतिशील किसान सुरेश कुमार, कृष्ण चंद, बलवान व नरेश ने कहा कि सर्दियों के मौसम में ज्यादा बरसात होने से सभी फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान लगातार फसलों को सहेजने में लगे हैं।
स्वास्थ्य का रखें विशेष ध्यान-सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि ऐसे मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। ठंड और बरसात के दौरान वायरल बीमारियां ज्यादा फैलती हैं। जितना संभव हो हल्का गर्म पानी पीएं। गले को सूखने न दें। ठंडी चीजें खाने से बचें। अगर किसी बीमारी की आशंका है तो तुंरत चिकित्सक से सलाह लेकर उचित इलाज करवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें