संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। हरियाणा प्रतिनिधि उपसभा हरियाणा के तत्वावधान में डीएवी पब्लिक स्कूल, सीवन में वैदिक संस्कार पुण्य मास के अंतर्गत शनिवार को स्वामी दयानंद सरस्वती का निर्वाण दिवस श्रद्धा और संस्कारों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वैदिक विधि से हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लेकर यज्ञ की पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
विद्यार्थियों ने स्वामी दयानंद के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें उनके सुधारवादी और क्रांतिकारी विचारों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को समाज सुधार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
प्रधानाचार्या डॉ. मीना मेहता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने उस युग में समाज को नई दिशा दी, जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और जनता अंधविश्वास में उलझी हुई थी। उन्होंने “वेदों की ओर लौटो” का संदेश देकर मानवता को ज्ञान, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
डॉ. मेहता ने कहा कि स्वामी दयानंद न केवल महान समाज सुधारक थे, बल्कि सच्चे देशभक्त और युगदृष्टा भी थे। उन्होंने नारी शिक्षा, छुआछूत, बाल विवाह और जातिवाद जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को नई दिशा दी। उन्होंने आर्य समाज की स्थापना इस उद्देश्य से की थी कि यह संगठन किसी एक धर्म या जाति तक सीमित न रहकर सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए कार्य करे।
प्रधानाचार्या ने कहा कि डीएवी संस्थाएँ भी स्वामी दयानंद की इसी भावना के अनुरूप शिक्षा के साथ संस्कारों के संवर्धन में निरंतर अग्रसर हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी छात्रों, अभिभावकों और नगरवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में संपूर्ण डीएवी परिवार ने श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया।