संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नशा मुक्त राष्ट्र का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल में महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ‘नो नशा नेशन’ अभियान के तृतीय चरण का शुभारंभ 100 कुंडीय हवन-यज्ञ के साथ किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और स्वामी दयानंद सरस्वती के समाज उत्थान में दिए गए योगदान पर आधारित भजन से हुआ। इस दौरान विद्यालय के 100 विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा उपस्थित अभिभावकों ने सामूहिक रूप से हवन-यज्ञ में आहुति देकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
यज्ञ के माध्यम से समाज को नशे से मुक्त करने और युवा पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करने का संदेश दिया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजु तलवाड़ ने स्वामी दयानंद के जीवन और उनके सामाजिक सुधार कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया था।
उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन समृद्धि के साथ-साथ कई सामाजिक कुरीतियां भी पनप रही हैं। प्रत्येक पीढ़ी का दायित्व है कि वह आने वाली पीढ़ी को सही मार्ग दिखाए। उन्होंने चिंता जताई कि अज्ञानता और भटकाव के कारण युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। डीएवी संस्था इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा गया।