पूंडरी। आर्य समाज के प्रवर्तक व वैदिक धर्म के पूर्ण सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी पर पूंडरी एचएसवीपी के महर्षि दयानंद पार्क में वेद मंत्र से वैदिक हवन किया गया। यजमान के रूप में पर्यावरण एवं संस्कृति संरक्षण मंच के प्रधान अनिल आर्य ने भाग लिया और यज्ञ की प्रक्रिया धनपत आर्य ने पूरी करवाई।
उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद हमारे धर्म के सच्चे रक्षक थे। हमें स्वार्थ त्याग कर देश सेवा, समाज सेवा और जाति सेवा के भावों को अपने में समावेश करना पड़ेगा। ऋषि दयानंद ने धन की परवाह नहीं की और वेद का प्रचार किया। उन्होंने जाति सुधार देश सुधार और धर्म के लिए हम सबके लिए ही सब कुछ किया। स्वामी जी से उनके कुल कुटुंब का नाम पूछा गया परंतु उन्होंने केवल रियासत का ही नाम बतलाया। आज समाज में जब कभी बुद्धिजीवों की सभा होती है, तो सबसे पहले महर्षि देवता आनंद सरस्वती जी का नाम समाज सुधारकों में आता है ऐसे दयानंद को पढ़कर हम अपना जीवन सुधार सकते हैं इस मौके पर धनपत आर्य, रोशन लाल, बृजेश टाया, हरिचंद सैनी, ज्ञान जांबा, सोहन सिंह आर्य, नवीन टाया, सतीश गर्ग, सुधा रानी, रेखा, सरोज सैनी, सुमन, प्रणव आर्य व वंश चौधरी सहित कई काॅलोनीवासी मौजूद रहे।